
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बालिका शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उसे एक समग्र विकास (Holistic Development) का रूप दे रही है। इसी दिशा में प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर सशक्तिकरण के नए केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक में छात्राओं की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े 18 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य स्पष्ट है— हर बेटी को सुरक्षित, सुविधायुक्त और उच्च गुणवत्ता वाला शैक्षणिक माहौल मिले।

सुरक्षा, सुविधा और पोषण पर सबसे पहला फोकस
भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने सभी विद्यालयों में छात्राओं की सुविधा के लिए कूलर, पंखे, एग्जॉस्ट फैन और निर्बाध बिजली के लिए जनरेटर की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, अगले एक सप्ताह के भीतर खाद्यान्न आपूर्ति से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा गया है। छात्राओं और स्टाफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ-साथ ग्रीष्मकालीन गृहकार्य (Summer Homework) पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
आधुनिक संसाधनों से लैस होंगे हॉस्टल
अब कस्तूरबा विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली के केंद्र भी बनेंगे। सरकार ने विद्यालयों में रोटी मेकिंग मशीन, वॉशिंग मशीन, सोलर गीजर, फोक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट (लोक वाद्य यंत्र) और फिटनेस के लिए ‘ओपन जिम’ जल्द से जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जिन जिलों में कर्मचारियों के नवीनीकरण का काम अटका हुआ है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
डिजिटल उड़ान और निर्बाध छात्रवृत्ति
डिजिटल इंडिया के विजन को गांवों तक पहुंचाते हुए इन विद्यालयों को तकनीकी रूप से अपग्रेड किया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित पढ़ाई को रफ्तार देने के लिए सभी स्कूलों में कंप्यूटर, ब्रॉडबैंड कनेक्शन और अनलिमिटेड डेटा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पात्र छात्राओं को बिना किसी रुकावट के छात्रवृत्ति (Scholarship) मिल सके, इसके लिए बैंक खातों की आधार सीडिंग और भुगतान की स्थिति की कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है।
खेलकूद और नए निर्माण कार्यों में आएगी तेजी
छात्राओं को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए ‘केजीबीवी एक खेल कार्यक्रम’ के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। खेल में रुचि रखने वाली चिह्नित बालिकाओं को 3 जुलाई तक खेल प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, जिन छात्रावासों, कंप्यूटर लैब और टॉयलेट ब्लॉक का 90 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द से जल्द हैंडओवर कर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बेटियों को तत्काल इनका लाभ मिल सके।




