सत्ता की लालच में सरकार गरीबों को मसल रही, किसान और मजदूर वर्ग अत्यंत दयनीय हालात में

हमारे देश में करीब पचहत्तर प्रतिशत लोग किसान और मजदूर वर्ग से आते हैं। आज जो…

क्या मुगलिया सल्तनत के गुलामों ने देश के अन्य अजूबों को कभी भी विश्व पटल पर नही आने दिया?

देश के इतिहासकारों ने ताजमहल को एक अजूबे की तरह वर्णित करते हुए, उसे विश्व का…

कुशल नेत्री, राजनीतिज्ञ और लौह नारी थीं इंदिरा गांधी

वर्ष 2019 में बैंक राष्ट्रीयकरण के ५० वर्ष पूर्ण हुए और इस विषय पर कई लेख…

विशेष: क्या पंडित दीनदयाल उपाध्याय का आर्थिक दर्शन गांधीवाद के निकट है ?

जनसंघ के स्थापक और भारत में ‘एकात्म मानववाद‘ की अवधारणा को विकसित करने वाले पंडित दीन…

फेक न्यूज़ की राजनीति या राजनीति की फेक न्यूज़ ?

डा. अनुपमा रावत (अर्थशास्त्र विषय की आचार्य एवं उच्च शिक्षा विभाग में विशेष कार्य अधिकारी, भोपाल)…

विशेष: पत्रकारिता और राजनीति में हिन्दी का बदलता राष्ट्रवादी स्वरूप

लेखक: डा. विजय श्रीवास्तव (अर्थशास्त्र विभाग लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय) क्या किसी भाषा का राष्ट्रीयता या राष्ट्रवाद…

प्रायोगिक गांधीवाद के महान प्रणेता थे भारत रत्न विनोबा भावे

लेखक: डा.विजय श्रीवास्तव (सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग, लवली प्रोफेशनल विश्विद्यालय) महान गांधीवादी विचारक, कर्मयोगी और भूदान…

आर्थिक मंदी का हल लोहिया का समाजवादी अर्थशास्त्र

लेखक: विजय श्रीवास्तव (सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग, लवली प्रोफेशनल विश्विद्यालय)सह-लेखक: आशुतोष चतुर्वेदी आज से करीब 5…

लोकतंत्र की हत्या का खुला षड़यंत्र है संसद में प्रश्नकाल का स्थगन

लेखक: विजय श्रीवास्तव (सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग , लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय)सह-लेखक: आशुतोष चतुर्वेदी प्रसिद्धि राजनीतिक विश्लेषक…

राष्ट्रीय रोजगार एंजेसी को व्यवस्थाओं की जटिलता से बचाना होगा

लेखक: विजय श्रीवास्तव (सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग, लवली प्रोफेशनल विश्विद्यालय) अगर आप रोजगार तलाश रहे, बेरोजगार…