ब्लॉग
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कुशल नेत्री, राजनीतिज्ञ और लौह नारी थीं इंदिरा गांधी
वर्ष 2019 में बैंक राष्ट्रीयकरण के ५० वर्ष पूर्ण हुए और इस विषय पर कई लेख पढनें को मिले। इस…
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विशेष: क्या पंडित दीनदयाल उपाध्याय का आर्थिक दर्शन गांधीवाद के निकट है ?
जनसंघ के स्थापक और भारत में ‘एकात्म मानववाद‘ की अवधारणा को विकसित करने वाले पंडित दीन दयाल के विचारों और…
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फेक न्यूज़ की राजनीति या राजनीति की फेक न्यूज़ ?
डा. अनुपमा रावत (अर्थशास्त्र विषय की आचार्य एवं उच्च शिक्षा विभाग में विशेष कार्य अधिकारी, भोपाल) कौन सी है फेक…
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विशेष: पत्रकारिता और राजनीति में हिन्दी का बदलता राष्ट्रवादी स्वरूप
लेखक: डा. विजय श्रीवास्तव (अर्थशास्त्र विभाग लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय) क्या किसी भाषा का राष्ट्रीयता या राष्ट्रवाद से संबंध हो सकता…
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प्रायोगिक गांधीवाद के महान प्रणेता थे भारत रत्न विनोबा भावे
लेखक: डा.विजय श्रीवास्तव (सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग, लवली प्रोफेशनल विश्विद्यालय) महान गांधीवादी विचारक, कर्मयोगी और भूदान आंदोलन के प्रणेता भारत…
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आर्थिक मंदी का हल लोहिया का समाजवादी अर्थशास्त्र
लेखक: विजय श्रीवास्तव (सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग, लवली प्रोफेशनल विश्विद्यालय)सह-लेखक: आशुतोष चतुर्वेदी आज से करीब 5 वर्ष पहले क्या कोई…
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लोकतंत्र की हत्या का खुला षड़यंत्र है संसद में प्रश्नकाल का स्थगन
लेखक: विजय श्रीवास्तव (सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग , लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय)सह-लेखक: आशुतोष चतुर्वेदी प्रसिद्धि राजनीतिक विश्लेषक चंद्रप्रकाश भावरी ने अपनी…
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राष्ट्रीय रोजगार एंजेसी को व्यवस्थाओं की जटिलता से बचाना होगा
लेखक: विजय श्रीवास्तव (सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग, लवली प्रोफेशनल विश्विद्यालय) अगर आप रोजगार तलाश रहे, बेरोजगार युवाओं से पूछिये कि…
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गिरती जी.डी.पी., महामारी के दौर का अनर्थशास्त्र और गांधी का चिंतन
लेखक: डा. विजय श्रीवास्तव (गांधी विचारों के अध्धेयता और लवली प्रोफेशनल विश्विद्यालय में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक) सोशल मीडिया में आजकल…
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समता, राष्ट्रीयता और समानता के महान संरक्षक थे भारत रत्न प्रणव मुखर्जी
लेखक: विजय श्रीवास्तव (सहायक आचार्य , अर्थशास्त्र विभाग , लवली प्रोफेशनल विश्विद्यालय) सह-लेखक: दीपक कौशल राजनीति कभी कभी ऐसा शून्य…
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