जालौन: बिजली विभाग की करतूत से ग्रामीण नौ- नौ आँसू रोने पर मजबूर

ग्रामीण अपना बीजली का बिल दर्शाते हुए

जालौन। बिजली विभाग के कारनामों का काला चिठ्ठा ग्रामीणों को आँसू बहाने को मजबूर कर देता है हर रोज ना जाने ही कितने मजदूर, ग्रामीण, आम जन बिजली विभाग से त्रस्त हो चुके है हालांकि साफ व सीधे शब्दों में कहा जाये तो इसका असल कारण बिजली विभाग के छोटे कर्मचारियों द्वारा खून चूसने समान काम किया जाता है। लाइन मैन, मीटर रीडर‌ की लापरवाही व थोड़े से लालच में इसका बड़ा खामयाजा उपभोक्ताओं को झेलना पड़ जाता है अौर इसमें सहभागिता अदा करने वाले उच्च अधिकारी जेई, एसडीअो धृतराष्ट्र जैसी अहम भूमिका अदा करते है सब कुछ जानते हुए भी अपनी चुप्पी नही तोड़ते आखिर कारण क्या है ???

शासन द्वारा मनाये जाने वाले तहसील समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायती पत्र विधुत विभाग को दिये जाते है कहीं उपभोक्ताओं का विल मीटर यूनिट से अधिक तो कहीं मीटर रीडर व लाइन मैनों को लेकर शिकायती पत्र दिये जाते है जिसमें विधुत विभाग को मिले प्रार्थना पत्रो में कुछ की सुनवाई की जाती है तो कुछ शिकायतों को नजर अंदाज़ कर दिया जाता है।

ग्राम मल्हानपुरा के ग्रामीणों ने बिजली के बिलों को लेकर कहा कि साहब झोपड़ी में रहने वाले मजदूर कहा से अदा करें 20 व 30 हजार की‌ रकम ग्रामीण हुव्वलाल पुत्र देवलाल का विल 30 हजार रुपये ‌है जब उनसे पूछा गया तो उन्होने बताया कि इतना तो हमारा राशन पानी का खर्च नही है। जिसका 10 गुना हरजाना विधुत विभाग ने हमें थमा दिया भूरे, संतोषी व अन्य ग्रामीणों ने बिजली विभाग से अपनी नाराजगी जाहिर की हालांकि यदि देख लिया जाये तो न जाने ही कितने ग्रामीण बिजली विभाग के बिल को देखकर अटैक का शिकार हो चुके है।

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