
विजय कुमार निगम लखनऊ:- सेवा, सुशासन और समर्पण को समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 140 करोड़ भारतीयों की निरंतर सेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन में मीडिया संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश में हुए व्यापक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी शक्ति, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने लोकभवन में आयोजित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जून को एनडीए द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूरे देश और दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल और उनकी सफल नेतृत्व यात्रा का उत्सव देखा। दुनिया के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों ने प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और भारत की विकास यात्रा की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं। पिछले 12 वर्षों में भारत ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है और आज देश का प्रत्येक नागरिक नए भारत का हिस्सा होने पर गर्व महसूस कर रहा है।

श्री योगी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक योजनाएं बनती रहीं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहली बार योजनाओं को जन आंदोलन का स्वरूप मिला। जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों बैंक खाते खोले गए, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ शौचालय बने, 4 करोड़ गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले और आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्राप्त हुआ। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा योजना जैसी पहलों ने देश को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकास की धुरी के रूप में गरीब, महिला, युवा व किसान को केंद्र में रखा। भारत ने पिछले 12 वर्षों में आस्था व आर्थिक विकास का अद्भुत संगम देखा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने में सफलता मिली, जो विश्व इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि है। उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री की योजनाओं का सर्वाधिक लाभ मिला है। राज्य में 65 लाख गरीबों को आवास, 3 करोड़ परिवारों को शौचालय, लगभग 2 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन तथा 15 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिला। कोविड काल में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया। गरीब अब केवल वोट बैंक नहीं रहा, बल्कि विकास प्रक्रिया का केंद्र बन चुका है।
महिला सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, मातृ वंदन योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने महिलाओं को नई पहचान दी है। उत्तर प्रदेश में भी बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग, पुस्तकें और स्वेटर उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से बेटियों के जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने का कार्य किया गया। मिशन शक्ति अभियान और पुलिस बल में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण ने महिलाओं को सुरक्षा व अवसर प्रदान किए हैं।
युवाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया। परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम, मुद्रा योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, आत्मनिर्भर भारत अभियान, फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को नई ऊर्जा और अवसर दिए हैं। पहली बार युवाओं को यह विश्वास मिला कि वे नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन सकते हैं। किसानों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, फसल बीमा योजना और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाओं ने किसानों को मजबूत किया है। उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ से अधिक किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। गन्ना किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है और 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने दुनिया के सामने सफल कोविड प्रबंधन का मॉडल प्रस्तुत किया। मुफ्त टेस्टिंग, मुफ्त वैक्सीन, मुफ्त राशन और मुफ्त उपचार जैसी व्यवस्थाओं ने करोड़ों लोगों को राहत दी। इसी दौरान ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से पूरे देश को राष्ट्रभक्ति के सूत्र में बांधा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने ‘पंच प्रण’ का आह्वान किया, जो विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला हैं। इन पंच प्रणों में गुलामी की मानसिकता के अवशेषों को समाप्त करना, भारत की समृद्ध विरासत पर गर्व करना, राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना, प्रत्येक नागरिक द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन करना तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करना शामिल है। प्रधानमंत्री ने देश को केवल अमृत महोत्सव के उत्सव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की आस्था व सांस्कृतिक विरासत को वह सम्मान प्राप्त हुआ, जिसकी लंबे समय से अपेक्षा थी। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ और प्रधानमंत्री मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने राम मंदिर के शिलान्यास, प्राण-प्रतिष्ठा तथा मंदिर पर सनातन ध्वज आरोहण जैसे तीनों ऐतिहासिक कार्य अपने कर-कमलों से संपन्न किए। अयोध्या में रामलला की प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारपुरी के पुनरुद्धार जैसे कार्य भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी कई अवसरों पर देश की आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने स्मरण कराया कि सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री ने वहां जाने से इनकार कर दिया था और राष्ट्रपति को भी कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया था। इसके विपरीत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय ज्ञान परंपरा और स्वदेशी व्यवस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया तथा सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की। वर्षों से उपेक्षित पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को संस्थागत पहचान मिली और सहकारिता क्षेत्र को विकास का नया माध्यम बनाया गया। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गोरखपुर से सांसद रहते हुए उन्होंने नक्सलवाद की गंभीर चुनौती को निकट से देखा था। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान बस्तर व कोंडागांव जैसे क्षेत्रों में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जनसभाएं करनी पड़ती थीं, लेकिन हाल में वहां जाने पर पाया कि क्षेत्र का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। वहां होटल बन रहे हैं, उद्योग स्थापित हो रहे हैं और विकास की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी के दृढ़ नेतृत्व और प्रभावी रणनीति का परिणाम है कि देश नक्सलवाद मुक्त भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सीमा पार से होने वाले हमलों और आतंकवादी घटनाओं पर देश की प्रतिक्रिया सीमित रहती थी। यूपीए शासनकाल में दुश्मन देश भारतीय सैनिकों के सिर काटकर ले गया था, लेकिन सरकार मौन रही। संसद में इस विषय को उठाने पर संबंध खराब होने की दलील दी जाती थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह सोच बदली और अब भारत अपनी सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करता। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद और सीमा पार से मिलने वाली चुनौतियों का निर्णायक जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि कोई भारत की सुरक्षा व संप्रभुता को चुनौती देगा तो उसे उसके घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा। इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई और सैनिकों का मनोबल भी बढ़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की परिस्थितियों और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों को ऊर्जा संकट से बचाए रखा। जब अमेरिका सहित अनेक देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई और महंगाई ने आम लोगों को प्रभावित किया, तब भी भारत ने ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की तथा महंगाई को नियंत्रित रखने में सफलता प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आधार बनाकर अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और उसी के अनुरूप विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश वर्ष 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर, वर्ष 2036 तक 2 ट्रिलियन डॉलर और वर्ष 2047 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है। विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश और आत्मनिर्भर भारत के साथ आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का निर्माण ही प्रदेश का संकल्प है। यह प्रधानमंत्री मोदी के संकल्पों के प्रति उत्तर प्रदेश की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
विपक्ष पर साधा निशाना, विकास व विरासत से परहेज का आरोप
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की राजनीति वर्षों तक भ्रष्टाचार, कुशासन, परिवारवाद, तुष्टिकरण, अव्यवस्था और असुरक्षा पर आधारित रही, उन्हें आज देश में हो रहा विकास और परिवर्तन स्वीकार नहीं हो रहा है। पहले देश की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों से दूरी बनाई जाती थी तथा समाज को जाति, क्षेत्र, भाषा और मत-मजहब के आधार पर बांटने का प्रयास किया जाता था। पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान किसान उपेक्षित रहे, उद्यमियों को हतोत्साहित किया गया, युवाओं को अवसर नहीं मिले और गरीब केवल वोटबैंक बनकर रह गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब विकास, सुशासन, सुरक्षा, विरासत के सम्मान और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य हुआ तो वही लोग इस परिवर्तन से असहज दिखाई दे रहे हैं। आज पूरा विश्व भारत की उपलब्धियों और विकास यात्रा की सराहना कर रहा है, लेकिन कुछ विपक्षी दल राजनीतिक कारणों से इन उपलब्धियों को स्वीकार करने से बच रहे हैं।




