
राजधानी के गाजीपुर थाने में तैनात 34 वर्षीय दारोगा अजय सिंह का शव शुक्रवार को पारा क्षेत्र में उनकी कार में मिलने से अफरा तफरी मच गई। मूल रूप से हापुड़ जनपद के निवासी अजय का शव मोहन रोड पर अर्श अस्पताल के सामने सड़क किनारे खड़ी उनकी सेंट्रो कार में मिला।
कार में शव करीब 24 घंटे तक कार बंद रहने के कारण शव फूल गया था। दारोगा के सीने पर खून के निशान भी मिले हैं। शुरुआती जांच में हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
दारोगा अजय सिंह मूल रूप से हापुड़ जनपद के निवासी थे और वर्तमान में गाजीपुर थाने में तैनात थे। ड्यूटी के कारण वह पारा क्षेत्र में किराए के मकान में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी व दो बेटियां हैं। पुलिस के मुताबिक, उनकी सेंट्रो कार गुरुवार शाम करीब छह बजे से अर्श अस्पताल के सामने खड़ी थी। काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर स्थानीय लोगों को संदेह हुआ। शुक्रवार को लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि कार के अंदर एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर अंदर देखा तो दारोगा अजय सिंह मृत मिले। पुलिस ने तत्काल शव को बाहर निकालकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि लंबे समय तक बंद कार में रहने के कारण शव फूल गया था।
दारोगा के सीने पर खून के निशान मिलने से पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मौके पर संघर्ष या किसी अन्य संदिग्ध परिस्थिति के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं। इंस्पेक्टर पारा सुरेश सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हार्ट अटैक से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा हो सकेगा। मामले की सूचना मृतक दारोगा के परिजनों को दे दी गई है।




