
दिल्ली । नयी दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों की आवाज दबाने के लिए मेट्रो स्टेशन, सड़कें, दुकानें और इंटरनेट तक बंद कर दिया, लेकिन परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में विफल रही। राहुल गांधी ने कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के साथ सरकार का रवैया बेहद कठोर रहा है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार सब कुछ बंद कर सकती है, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाई।
उनके अनुसार, छात्रों की जायज मांगों का जवाब संवाद के बजाय सख्ती से दिया गया। इससे पहले भी राहुल गांधी ने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की आलोचना की थी। उन्होंने एक घायल छात्र का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों को न्याय देने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। राहुल ने कहा कि आज के भारत में अपने भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग करने वाले युवाओं को न्याय नहीं, बल्कि कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस के अनुसार, झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी और महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से भी करीब 60 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने हिंसा भड़काने की कोशिश की थी।
इधर, केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार, संशोधन विधेयक संसद के आगामी कार्यदिवस में पेश किया जा सकता है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाना और पेपर लीक के मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिन पुराना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार द्वारा सकारात्मक पहल का स्वागत किया। हालांकि, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन अभी भी जारी है और संगठन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम है।




