
यदि आपका वाहन सीएनजी से चलता है तो कृपया गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रा से पहले वाहन में दूसरा ईंधन (पेट्रोल अथवा डीजल) भी पर्याप्त मात्रा में जरूर भरवा लें। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे के पहले 130 किमी के सफर में दो स्थानों पर रेस्ट एरिया तो जरूर बने हैं लेकिन उनमें सीएनजी की व्यवस्था अभी नहीं हो सकी है।
यह बात अलग है कि एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन शुरू होने के बाद 49 दिन का समय बीत चुका है। रेस्ट एरिया में शौचालय, फूड कोर्ट के साथ पेट्रोल, डीजल और ईवी चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे के मेरठ से बदायूं तक पहले 130 किमी के हिस्से के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी आइआरबी इंफ्रा लिमिटेड के पास है। इस दूरी में एजेंसी ने अमरोहा और संभल मे रेस्ट एरिया की सुविधा दी है।इस एक्सप्रेसवे का 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने उद्घाटन करके यहां वाहनों का संचालन शुरू कराया था।
14 मई की मध्यरात्रि से यहां टोल टैक्स की वसूली भी शुरू कर दी गई थी। आइआरबी इंफ्रा ने अपने क्षेत्र में टोल टैक्स की वसूली का कार्य 16 मई की मध्यरात्रि से शुरू किया था।
वाहनों का संचालन शुरू होते ही संचालनकर्ता एजेंसी ने दोनों रेस्ट एरिया में फूड कोर्ट, विश्राम स्थल और शौचालय के साथ वाहनों के ईंधन का इंतजाम करना शुरू कर दिया था। वर्तमान में यहां फूड कोर्ट, शौचालय, विश्राम स्थल के साथ पेट्रोल, डीजल और ईवी चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं।




