ब्रजेश पाठक ने जन्मदिन न मनाने का किया ऐलान,बोले जब घरों के चिराग बुझ गए हों तो उत्सव कैसा

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लिखा कि प्रभु श्रीहरि से प्रार्थना है कि वे इस अत्यंत हृदयविदारक, पीड़ादायक एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दिवंगत सभी बच्चों को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें, शोक संतप्त परिवारों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति दें तथा घायलों को शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

लखनऊ । लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में कई मासूम छात्रों की मौत से पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है। इस दर्दनाक हादसे के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संवेदनशील पहल करते हुए 25 जून को अपना जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जब अनेक परिवार अपने बच्चों को खोने के असहनीय दुःख से गुजर रहे हों और कई घरों के चिराग बुझ गए हों, तब व्यक्तिगत उत्सव मनाना उचित नहीं है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपना जन्मदिन दिवंगत बच्चों की स्मृति और शोकाकुल परिवारों के प्रति श्रद्धांजलि व संवेदना को समर्पित करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने मन को भीतर तक उद्वेलित और व्यथित कर दिया है। इस दुःखद घटना में अनेक मासूम बच्चों की असामयिक मृत्यु ने पूरे प्रदेश को शोक और पीड़ा से भर दिया है। उन्होंने लिखा कि जब कई परिवारों के घरों के चिराग बुझ गए हों, तब अपने जन्मदिन का उत्सव मनाना उचित प्रतीत नहीं होता। इसी गहन संवेदना और शोक के भाव के साथ मैंने निर्णय लिया है कि कल, 25 जून को, मैं अपना जन्मदिन नहीं मनाऊँगा। यह दिन उन दिवंगत मासूम बच्चों की पावन स्मृति तथा उनके शोकाकुल परिजनों के प्रति श्रद्धांजलि और संवेदना को समर्पित रहेगा।

गौरतलब है कि लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक बहुमंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। हादसे में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य बच्चे घायल हो गए, जिनका विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत के भूतल पर पेट शॉप संचालित थी, जबकि ऊपरी मंजिल पर गेमिंग जोन चल रहा था। आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से भी बातचीत की है। जांच एजेंसियां सुरक्षा मानकों, भवन की वैधता और संभावित लापरवाही समेत सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही हैं।

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