CM Yogi: हर शहर, गांव को ग्रीन मोबिलिटी इलेक्ट्रिक सेवा से जोड़ेंगे

विजय कुमार निगम लखनऊ:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ग्रीन मोबिलिटी व सस्टेनेबल डेवलपमेंट का विजन दिया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार आने वाले समय में हर शहर-गांव को पेट्रोल-डीजल मुक्त ग्रीन मोबिलिटी इलेक्ट्रिक सेवा से जोड़ेगी। हर व्यक्ति को बेहतर, आरामदायक व पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवा मिलने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में परिवहन विभाग का बेड़ा बड़ा हो रहा है, उनके कार्य भी बड़े दिखने चाहिए।

            मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट तक संचालित होने वाली उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की 45 इलेक्ट्रिक बसों व 3 हाइड्रोजन बसों को लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये फ्लैग ऑफ किया। उन्होंने इस अवसर पर नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी शुभारंभ किया।

        अपने संबोधन में श्री योगी ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ पश्चिम एशिया में चल रहे गतिरोध बड़ी चुनौतियां हैं। इनके कारण दुनिया वायु प्रदूषण, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, ओलावृष्टि का सामना कर रही है। दुनिया पर थोपे गए युद्धों की कीमत पूरी मानवता चुका रही है। पीएम के विजन को धरातल पर उतारने के लिए 15 जून से भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डे (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) का संचालन प्रारंभ होने जा रहा है। देश के सबसे बड़े आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक हब तथा सुचारु वायुसेवा की दृष्टि से यात्रियों, नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीनों अथॉरिटी (नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यीडा) ने परिवहन निगम के माध्यम से यह सेवा प्रारंभ की है। यह नेट जीरो लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

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बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरे नोएडा, ग्रेनो व यीडा

        मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना अथॉरिटी आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, स्टार्टअप्स, सेमीकंडक्टर समेत अन्य औद्योगिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में उभरी हैं। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों को वहां लाने के साथ ही पर्यावरण अनुकूल परिवहन समय की मांग है। वहां कुछ क्षेत्रों में मेट्रो का संचालन भी हो रहा है, लेकिन लास्ट माइल कनेक्टिविटी की दृष्टि से इलेक्ट्रिक बस का संचालन मील का पत्थऱ साबित होने जा रहा है। 15 जून तक तीनों अथॉरिटी द्वारा 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रारंभ होगा। मांग के अनुरूप इसमें क्रमिक बढ़ोतरी कर 500 बसों का संचालन भी तीनों अथॉरिटी के माध्यम से किया जाएगा। 

              मुख्यमंत्री योगी ने 2017 के पहले और इससे बाद के उत्तर प्रदेश का फर्क समझाया। कहा कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में परिवर्तन दिख रहा है और 9 वर्ष में यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार ने किया है। 2017 से पहले टूटी सड़कें, नदारद बिजली, असुरक्षा, अराजकता व अव्यवस्था के वातावरण में नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा था, तब उत्तर प्रदेश में निवेश की बात दिवास्वप्न थी। 2017 के बाद का उत्तर प्रदेश विश्वस्तरीय रोड, एयर कनेक्टिविटी के लिए जाना जाता है। यूपी के पास हाईवे, एक्सप्रेसवे समेत 4 लाख किमी का रोड नेटवर्क है। इंटर स्टेट कनेक्टिविटी सबसे बेहतरीन है। 9 वर्ष पहले जो यूपी बदहाल सड़कों के लिए जाना जाता था, आज उसने एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में पहचान बनाई है। 

        मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 में प्रयागराज कुंभ के दौरान सरकार ने कैबिनेट में गंगा एक्सप्रेसवे की घोषणा की थी। मेरठ से प्रयागराज के बीच देश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वालों को आश्चर्य होता है कि यह वही उत्तर प्रदेश है, जहां कभी सड़क व गड्ढे में अंतर का पता नहीं लगता था। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक, दिल्ली-मेरठ 12 लेन एक्सप्रेसवे और शीघ्र ही लोकार्पित होने वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे नए उत्तर प्रदेश की नई पहचान बने हैं। 

             मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बेहतर एयर कनेक्विटी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रयागराज में 11 महीने में एयरपोर्ट बनकर तैयार हुआ। जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन गया है। कभी त्रेतायुग में भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे, लेकिन इसके बाद अयोध्यावासियों को कभी वायुसेवा प्राप्त नहीं हुई। अयोध्या हजारों वर्ष तक उपेक्षित और आजादी के बाद भी अपमानित रही। आज वहां महर्षि वाल्मीकि को समर्पित एयरपोर्ट संचालित हो रहा है। उप्र में लखनऊ, अयोध्या, काशी, कुशीनगर व नोएडा समेत 5 इंटरनेशनल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। नोएडा एयरपोर्ट यात्रियों के साथ ही कार्गो-एमआरओ हब के रूप में खुद को स्थापित करने जा रहा है। 

         मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 20 में से उत्तर प्रदेश के 7 शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है। 17 नगर निगमों में 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित कर रहे हैं। नोएडा में सरकार आज यह सुविधा प्रारंभ कर रही है। पहले इलेक्ट्रिक बसें बाहर से मंगानी पड़ती थीं, लेकिन अब टाटा मोटर्स और अशोक लीलैंड हिंदुजा ग्रुप ने लखनऊ में इलेक्ट्रिक बस के दो-दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित कर यह सुविधा देनी प्रारंभ की है।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से यमुना अथॉरिटी में तीन अन्य हाइड्रोजन बसें भी संचालित करने जा रहे हैं। यीडा को ये बसें एनटीपीसी ने उपलब्ध कराई हैं। इनमें ग्राउंड या सरफेस वाटर नहीं, बल्कि सीवर वाटर का इस्तेमाल कर हाइड्रोजन का निर्माण होगा। ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी अभिनव अवधारणा बन चुकी है। इन बसों का संचालन भी जेवर एयरपोर्ट के पास करेंगे। वायु प्रदूषण को कम करने, जहरीले वातावरण से बच्चों, बुजुर्गों, बीमारों को बचाने में इनकी बड़ी भूमिका होगी। 

             मुख्यमंत्री कहा कि प्रदेश सरकार ने नेट जीरो लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विश्व बैंक की मदद से 2741 करोड़ रुपये से उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (यूपी कैंप) प्रारंभ किया है। नगरीय क्षेत्रों में 9 वर्ष पहले हैलोजन बल्ब जलते थे, बहुत ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती थी और उससे आकर्षित होकर कीड़े-मकोड़े जलते थे, जिससे बदबू आती थी। 2017 में सरकार ने 15 लाख से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाईं। इससे ऊर्जा की बचत हुई और कार्बन उत्सर्जन भी कम हुआ। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं के संचालन में बेरोजगार नौजवानों को प्राथमिकता देने की बात कही।

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