अबोध मासूम को मिली मौत, वहशी मुल्जिम को मृत्युदंड, लेकिन क्या मुकम्मल होगी फांसी, टूटेगा दुष्कर्मी सुनील का घमंड ?

@आशीष।सागर दीक्षित,बाँदा।

“न्यायालय ने आज भले ही 3 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के मुल्जिम को मृत्युदंड दिया है। क्योंकि यह पास्को एक्ट (नाबालिक से दुराचार व घटना के बाद इंजरी से उसकी मौत होने का जुड़ा मामला था।) मे जघन्यतम / दुर्लभ अपराध की श्रेणी मे था। इस वारदात ने वहशीपन और बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थी। वहीं अभियुक्त शादीशुदा व पिता होकर यह अपराध कारित किया था। लेकिन हमारे संविधान की लचरता और मुलजिम के पास ऊपरी अदालत मे शरण लेने के रास्ते,फिर राष्ट्रपति जी से फांसी की सजा मे क्षमा याचना का अवसर मिलना। इतनी लंबी प्रक्रिया के बाद जल्दी जल्लाद भी नही मिलते की दोषी को फांसी दी जा सके। निर्भया केस के बाद दुराचार मे अभी फांसी नही हो सकी है।”

  • बाँदा मे जून माह मे थाना चिल्ला के ग्राम चकला मे 3 वर्षीय सजातीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त सुनील निषाद को मा. न्यायालय द्वारा दिलाई गई मृत्युदण्ड व 65 हजार रुपये जुर्मानें की सजा दी गई है।
  • यह मुकदमा 58 दिन मे ट्रायल कोर्ट से पूरा हुआ है। अभियुक्त शादीशुदा व बच्चों वाला है। बावजूद इसके यह घृणित काम किया था।
  • इलाज दरम्यान बच्ची की मौत हो गई थी। हाल ही मे आरोपी मुलजिम के घर को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया था।
  • मुलजिम का परिवार गांव छोड़कर सूरत रहता है जबकि पत्नी मायके मे है।
  • आज कड़ी सुरक्षा व ग्रामीणों के बीच मुलजिम का चेहरा सदमे मे था। समाज पर कलंक साबित हुए मुलजिम को सजा ए मौत मिली है।

बांदा। उत्तरप्रदेश पुलिस महानिदेशक के सख्त आदेशों की अनुपालना मे पूरे सूबे मे चलाये जा रहे अभियान आपरेशन कन्विक्शन के तहत कड़ी सजा दिलाये जाने का प्रयास पुलिस टीम का रहता है। बाँदा पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल ने विगत जून माह मे थाना चिल्ला क्षेत्र अन्तर्गत 3 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को दरिंदे को मृत्युदण्ड व 65 हजार रुपया जुर्माने से दण्डित कराया है। इस घटनाक्रम ने ज़िले को झकझोर दिया था। उल्लेखनीय है 58 दिन मे माननीय न्यायालय ने इस केस मे सख्त निर्णय दिया है। गौरतलब हो कि चिल्ला क्षेत्र का रहने वाला सुनील कुमार निषाद द्वारा दिनांक 3 जून 2025 को महज 3 वर्षीय बच्ची के साथ वहशीपन मे दरिंदगी करते हुए दुष्कर्म कर जंगल मे फेक दिया था। दुष्कर्म पीड़िता मासूम को आरोपी सुनील निषाद ने मछली पकड़कर आइस बॉक्स रखने वाले बड़े डिब्बे मे कैद करके जंगल मे अस्तव्यस्त और गम्भीर जख्मी हालत मे फेंकने का कुकृत्य किया गया था। ग्रामीणों के बवाल के बाद सकते मे आई चिल्ला थाना पुलिस ने सीओ सिटी रही श्रीमती अम्बुजा त्रिवेदी के नेतृत्व मे मासूम को बरामद किया था। उसको इलाज के लिए बाँदा मेडिकल कालेज भेजा गया,जहां से वह इलाज के लिए कानपुर हैलेट रिफर की गई।

एक सप्ताह तक ज़िंदगी की जंग लड़ने के बाद अधिक रक्तस्राव व प्राइवेट पार्ट क्षतिग्रस्त होने की स्थिति मे उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी । गौरतलब है कि पहले रिपोर्ट न लिखने वाली स्थानीय पुलिस ने अभियुक्त सुनील निषाद को ग्रामवासियों के हो-हल्ले के बाद एफआईआर लिखकर मुकामी पुलिस ने एसपी पलाश बंसल के दिशानिर्देश पर हाफ इनकाउंटर मुठभेड़ मे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अभियुक्त तब से ज़िला कारागार बाँदा मे है। बतलाते चले कि इस संबंध मे बच्ची के पिता मोहन निषाद की तहरीर पर थाना चिल्ला पर मुकदमा अपराध संख्या 75/25 धारा 137(2)/127(2)/66/65(2)/103 बीएनएस व 6 पाक्सो एक्ट मे दर्ज किया गया था, जिसकी विवेचना तत्कालीन उप निरीक्षक रामदिनेश तिवारी द्वारा सम्पादित की गयी थी। ज़िले के इस चर्चित संगीन मुकदमे विवेचक द्वारा प्रभावी विवेचना करते हुये साक्ष्य संकलन कर दिनांक 14 जुलाई 2025 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था । लोक अभियोजक अधिवक्ता कमल सिंह गौतम व अधिवक्ता शिवपूजन सिंह द्वारा माननीय न्यायालय मे प्रभावी पैरवी की गई साथ ही कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी जितेन्द्र कुमार तथा पैरोकार आरक्षी अभिजीत के अथक प्रयासों से अभियुक्त को सक्षम न्यायालय सत्र न्यायधीश बांदा द्वारा आज दिनांक 8 सितंबर 2025 को मृत्युदण्ड की सजा व कुल 65 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित कराया गया है।
नामजद अभियुक्त-

  1. सुनील कुमार निषाद पुत्र लोटन निवासी ग्राम चकला थाना चिल्ला जनपद बांदा।
    अभियुक्त पर दर्ज अभियोग-

◼️मु0अ0सं0 75/25 धारा 137(2)/127(2)/66/65(2)/103 बीएनएस व 6 पॉक्सो एक्ट थाना चिल्ला जनपद बांदा ।

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