DRI ने 157 संरक्षित जानवरों, सरीसृपों को बचाया | BREAKING NEWS

नई दिल्ली (आरएनएस)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने दो अलग-अलग अभियानों में एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 157 संरक्षित जानवरों और सरीसृपों को छुड़ाया है। डीआरआई ने ‘ऑपरेशन कल्कि” शुरू किया जिसके तहत गिरफ्तारियां और बरामदगी की गई।

डीआरआई ने कहा, उनके चेक-इन किए गए सामान की जांच के दौरान कर्नाटक वन विभाग के अधिकारियों की सहायता से गैर-स्वदेशी 18 जानवर (चार प्राइमेट और 14 सरीसृप) बरामद किए गए।

अधिकारी ने बताया कि पहले अभियान में डीआरआई ने केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से कथित तौर पर संरक्षित पशुओं की तस्करी करने की कोशिश कर रहे एक महिला सहित तीन लोगों को पकड़ा था। आरोपी 22 जनवरी को बैंकॉक से एयरपोर्ट पहुंचा था। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम में परिभाषित जंगली जानवरों का आयात निषिद्ध है और वे प्रजातियां जो एसआईटीईएस (वन्य जीवों और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन) में सूचीबद्ध हैं, एसआईटीईएस के प्रावधानों के अधीन हैं। इन यात्रियों द्वारा तस्करी किए जाने वाले पशुओं को सीमा शुल्क अधिनियम के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया। दूसरे ऑपरेशन में वन विभाग के अधिकारियों की सहायता से डीआरआई ने बेंगलुरु के एक फार्महाउस से 48 विभिन्न प्रजातियों के 139 जानवरों को बरामद किया, जिनमें 34 सीआईटीईएस सूचीबद्ध प्रजातियां शामिल हैं। अधिकारी ने कहा, हमारी टीम द्वारा व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तस्करी, खरीद-बिक्री के माध्यम से गैर-स्वदेशी वन्यजीवों के स्रोत के लिए वित्तीय लेनदेन के साक्ष्य का पता लगाया गया है। अधिकारी ने कहा कि बरामद किए गए जानवर, जिनमें पीले और हरे एनाकोंडा, पीले सिर वाले अमेजॅन पैरट, नील मॉनिटर, रेड फुट कछुआ, इगुआनास, बॉल पाइथन, एलीगेटर गार, याकी बंदर, घूंघट गिरगिट, रैकून डॉग, जैसे बेहद दुर्लभ और खतरे वाले जानवर शामिल हैं। भारत में तस्करी में शामिल चार लोगों को भी अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।

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