
पूरे देश में आज रथ यात्रा की धूम देखने को मिल रही है। वहीं ओडिशा के पुरी के श्री मंदिर आयोजित विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के लिए देशभर के श्रद्धालु ओडिशा पहुंचे हैं। रथ यात्रा आज से शुरू हो रही है और 27 जुलाई को नीलाद्री बीजे से इसका समापन होगा.
Rath Yatra: पूर्व CM नवीन पटनायक ने श्रद्धालुओं की मौत पर जताया दुख
Puri Rath Yatra Live: ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पोस्ट किया कि रथ यात्रा के दौरान बडाडांडा में मची भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति और घायल हुए सौ से ज्यादा श्रद्धालुओं के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। दुख की इस घड़ी में, बीजू जनता दल के सभी कार्यकर्ता हर संभव मदद के लिए पूरा सहयोग देंगे। मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकार भीड़ का सही प्रबंधन करके श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने की महाप्रभु की पूजा
Puri Rath Yatra Live: ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने दिल्ली स्थित अपने आवास में टीवी पर रथ यात्रा का सीधा प्रसारण देखा। इस दौरान उन्होंने खड़े होकर भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की।
रथ यात्रा के दौरान मची भगदड़
Puri Rath Yatra Live: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान गुरुवार को ओडिशा के पुरी में बड़ा हादसा हो गया। मरिचिकोट चौक के पास अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे दम घुटने के कारण दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं, विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं और भीड़ के दबाव से प्रभावित 150 से अधिक लोगों को पुरी जिला मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रथ यात्रा के दौरान की लोग हुए बेहोश
Rath Yatra Live: विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान आज श्रद्धा और भक्ति का अनूठा सैलाब देखने को मिला। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं। हालांकि, इस भारी भीड़ और उमस भरे मौसम के बीच कुछ श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य बिगड़ने की खबरें भी सामने आई हैं। अत्यधिक भीड़ और गर्मी के चलते कई श्रद्धालु अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। वहां तैनात सुरक्षा बलों और चिकित्सा कर्मियों की टीम तुरंत हरकत में आ गई और स्वास्थ्यकर्मियों ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत स्ट्रेचर लेकर मौके पर पहुंचे।
तीनों रथों पर विराजमान हैं भगवान बलभद्र, महाप्रभु जगन्नाथ और देवी सुभद्रा
Puri Rath Yatra Live: जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर तीनों रथों पर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा, भगवान जगन्नाथ और चक्रराज सुदर्शन विराजमान हैं।

इस दौरान भक्तों के दर्शन के लिए दिव्य रथों में सवार होकर भगवान नगर भ्रमण कर रहे हैं। श्रद्धा, आस्था और भक्ति के इस अनुपम संगम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है।

गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य ने इस्कान को दी सलाह
Rath Yatra 2026 Live: जगन्नाथ रथ यात्रा के मौके पर पुरी के गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि यह प्यार की बारिश है। ध्यान की बारिश है। इस्कॉन द्वारा यात्राएं आयोजित करने पर उन्होंने कहा कि हमारी सलाह है कि हर किसी को अपने अधिकार क्षेत्र में रहकर काम करना चाहिए। किसी को भी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम नहीं करना चाहिए।
देश-दुनिया में शांति के लिए की प्रार्थना- नवीन जिंदल
Rath Yatra 2026: ओडिशा के अंगुल में बीजेपी सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल ने जिंदल नगर में सावित्री जिंदल और श्रद्धालुओं के साथ रथ यात्रा मनाई। इस मौके पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर मैं देशवासियों को हार्दिक बधाई देता हूं। आज का दिन बहुत शुभ है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि वे हर घर में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें। मैं देश में शांति और विकास के साथ-साथ पूरी दुनिया में शांति के लिए भी प्रार्थना करता हूं, क्योंकि भगवान जगन्नाथ पूरी सृष्टि के स्वामी हैं। दुनिया भर में शांति बनी रहे। ईश्वर से मेरी यही प्रार्थना है।
बीजेपी सांसद नवीन जिंदल ने मनाई
Rath Yatra 2026: बीजेपी सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल ने ओडिशा के अंगुल जिले के जिंदल नगर में सावित्री जिंदल और श्रद्धालुओं के साथ रथ यात्रा मनाई।
रथ यात्रा में भगदड़ से एक श्रद्धालु की मौत
Puri Rath Yatra: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान एक दुखद हादसा सामने आया। भीड़ के बीच अचानक हुई धक्का-मुक्की में एक श्रद्धालु नीचे गिर गया और दम घुटने से उसकी हालत गंभीर हो गई। घटना के तुरंत बाद उसे गंभीर अवस्था में पुरी जिला मुख्य चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

रथों का अनुष्ठान कर रहे गजपति महाराज
Rath Yatra 2026: रथ पर काफी विलंब से महाप्रभु विराजमान हुए। इसके बाद शंकराचार्य ने तीनों रथों की परिक्रमा की। तत्पश्चात गजपति महाराज दिव्यसिंह देव तीनों रथों पर पारंपरिक ‘छेरा पहंरा’ (स्वर्ण झाड़ू से रथों की सफाई की रस्म) का अनुष्ठान कर रहे हैं।
रथ पर देर से महाप्रभु हुए विराजमान

रस्मों को निभाते हुए हज़ारों श्रद्धालु जुटे
झमाझम बारिश भी नहीं डिगा सकी भक्तों का हौसला। पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच ‘जय जगन्नाथ’ से गूंजा पुरी।
भक्तों की भीड़ बढ़ने से हालात बिगड़े
पुरी जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर रथ यात्रा के लिए भक्तों की भीड़ बढ़ने के कारण कई भक्तों को स्ट्रेचर पर बाहर निकाला गया।
मां के साथ पुरी पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव
जगन्नाथ रथ यात्रा के मौके पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, “दुनिया भर से 25 लाख से ज़्यादा भक्त यहां जुटे हैं। सड़कें और बाजार लोगों से खचाखच भरे हैं, जो भगवान जगन्नाथ की एक झलक पाने और उनके रथ को छूने के लिए बेताब हैं… इतनी भारी भीड़ के बावजूद, इंतजाम बहुत अच्छे हैं। मैं भी अपनी मां के साथ एक भक्त के तौर पर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने यहां आया हूं। आज जब भगवान अपनी मौसी के घर जा रहे हैं, तो मैंने प्रार्थना की कि भगवान जगन्नाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन को पूरा करें। मैंने दुनिया भर में शांति, सद्भाव और भाईचारे के मज़बूत होने और मेरे भारत के लगातार चमकते रहने की प्रार्थना की… भगवान का रथ पर सवार होकर सबको दर्शन देना वाकई अद्भुत नजारा है… पूरा शहर लोगों से भरा हुआ है, माहौल बहुत ही शानदार है…”
रथयात्रा पर बारिश का साया
विश्व प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा पर इस बार बारिश का साया देखने को मिला। रथयात्रा से पूर्व मंगलवार रात से शुरू हुई वर्षा पूरी रात जारी रही, जिससे पुरी का बड़दांड कई स्थानों पर जलमग्न हो गया। लगातार बारिश के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों रथ भी भीग गए। बारिश के चलते बड़दांड पर जगह-जगह पानी जमा हो गया।
पुरी भगवान जगन्नाथ की पवित्र भूमि
रथ यात्रा के आध्यात्मिक महत्व पर BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा कि, “पुरी भगवान जगन्नाथ की पवित्र भूमि है, जहां महाप्रभु भक्तों के बीच आने के लिए अपने सिंहासन से नीचे उतरते हैं। राजाओं के राजा लोगों के दुख, भक्ति और भावनाओं को समझने और उन्हें आशीर्वाद देने के लिए अपना सिंहासन छोड़ते हैं। यही जगन्नाथ संस्कृति का सार है। मैं प्रार्थना करता हूं कि महाप्रभु पूरे देश को शांति और समृद्धि का आशीर्वाद दें। यहां लाखों भक्त जुटे हैं, चारों ओर भक्ति का माहौल है और इस दिव्य वातावरण में रथ यात्रा हो रही है।”
एम्बुलेंस के लिए लोगों ने बनाया रास्ता

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी में भारी भीड़ जुटी है। इसी दौरान एक व्यक्ति बेहोश हो गया, जिसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान लोगों ने बारिश के बीच एम्बुलेंस को जगह बनाकर रास्ता दिया। बता दें कि भीड़ को संभालने और सालाना धार्मिक जुलूस को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
‘पहांडी’ रस्म के तहत मंदिर से बाहर आते हैं भगवान
सालाना जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान, पारंपरिक ‘पहांडी’ रस्म के तहत भगवान बलभद्र को जगन्नाथ मंदिर से औपचारिक रूप से बाहर लाया जाता है
शुरू होने वाली है रथ यात्रा
सालाना रथ यात्रा शुरू होने वाली है, और उससे जुड़ी रस्में चल रही हैं।
जगन्नाथ मंदिर से बाहर आ रहे भगवान बलभद्र
रीति-रिवाजों के तहत भगवान बलभद्र को रथ पर बिठाने के लिए जगन्नाथ मंदिर से बाहर लाया जा रहा है।
रथ यात्रा में शामिल होने पुरी पहुंचे सानू निगम
सालाना रथ यात्रा के मौके पर गायक सोनू निगम ने कहा, “मैंने पहले भी कई बार इसके लिए गाया है, लेकिन पहली बार दर्शन कर रहा हूँ… यहाँ जो कुछ भी मैंने देखा है, वह ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेगा। मुझे यहाँ का मैनेजमेंट बहुत पसंद आया…”
विदेश से भी भक्त पहुंचे पुरी
पुरी रथ यात्रा के मौके पर ओडिशा आई एक विदेशी भक्त ने कहा, “मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करती हूं कि वे हमारी सेवा स्वीकार करें… मैं अपने गुरु श्री प्रभुपाद से प्रार्थना करता हूँ कि वे मुझे भगवान जगन्नाथ को प्रसन्न करने की क्षमता दें… मैं बस उनके दर्शन करना चाहता हूँ; हम उसी का इंतज़ार कर रहे हैं…”
भारी बारिश के बीच भक्तों की भीड़
सालाना जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले भारी बारिश के बीच भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथ नंदीघोष, दर्पदलन और तालध्वज को पुरी जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर खड़ा किया गया है।
पुरी में धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम तेज
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रथयात्रा से पहले पुरी में धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम तेज़ हो गया है। तीनों रथों की विधिवत प्रतिष्ठा संपन्न कर दी गई है। नंदीघोष रथ पर श्रीहनुमान, तालध्वज रथ पर श्रीनृसिंह और देवदलन रथ पर मां भुवनेश्वरी की स्थापना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-यज्ञ के बाद भगवान के रथारोहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मान्यता है कि ये ध्वज देवता यात्रा के दौरान रथों की रक्षा करते हैं।

सिंहद्वार पर रखे गए तीनों रथ
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथ – नंदीघोष, दर्पदलन और तालध्वज – को पुरी जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर रखा गया है। ये रथ आज शुरू होने वाली सालाना रथ यात्रा के लिए हैं।
रथ यात्रा के दौरान नृत्यांगनाओं का नृत्य एक प्राचीन सांस्कृतिक

रथ यात्रा के दौरान नृत्यांगनाओं का नृत्य एक प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। विशेष रूप से पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा में ओडिशी नृत्यांगनाएं भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त करते हुए मनमोहक नृत्य प्रस्तुत करती हैं। यह प्रस्तुति केवल कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भगवान के प्रति समर्पण और ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक भी है।
अलग-अलग रथों पर सवार होंगे भगवान जगन्नाथ
आज धार्मिक अनुष्ठान के बाद भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अलग-अलग रथों पर सवार होंगे। फिर वहां उनके रथों को मोटे-मोटे रस्सों से खींचकर रथ को गुंडिचा मंदिर ले जाया जाएगा।




