‘श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं सिर्फ कथाएं नहीं, उनमें गहन आध्यात्मिक संदेश निहित’, सीएम योगी ने लिखी पाती.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हृदय से शुभकामनाएं देते हुए एक पाती लिखी है। सीएम योगी ने कहा कि असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच सत्य और धर्म का प्रकाश प्रस्फुटित हुआ है।

उत्तर प्रदेश की धरती श्रीकृष्ण की लीलाओं और संदेशों की पावन भूमि है, जहां मथुरा, गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव सनातन सांस्कृतिक चेतना के जीवंत केंद्र हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल आनंदित करने वाली कथाएं नहीं हैं, बल्कि उनमें गहन आध्यात्मिक संदेश निहित है:

  • माखन चोरी: सहजता और निश्छलता का संदेश देती है।
  • गोप-गोपियों की आत्मीयता: प्रेम और समरसता को दर्शाती है।
  • कालिय नाग दमन: अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है।
  • गोवर्धन पर्वत धारण करना: प्रकृति, पशुधन और कृषि आधारित जीवन के संरक्षण के साथ-साथ सामूहिक एकजुटता की शक्ति का संदेश देता है।

समरसता, समानता और आत्मीयता आज के समाज की आवश्यकता

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि श्रीकृष्ण कुलीनता के नहीं, बल्कि समरसता के प्रतीक हैं और वे समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़े रहे। द्वारकाधीश श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे संबंध पद, प्रतिष्ठा और संपन्नता से नहीं, बल्कि आत्मीयता से बनते हैं। आज के समाज में समरसता, समानता और आत्मीयता ही सबसे बड़ी आवश्यकता है।

लोककल्याणकारी शासन की प्रेरणा

योगेश्वर श्रीकृष्ण का जीवन लोककल्याणकारी शासन की मूल भावना की प्रेरणा देता है। इसी प्रेरणा से सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा देने के लिए कार्य कर रही है।

राज्य सरकार गरीबी मुक्त उत्तर प्रदेश, प्रतिभासंपन्न निपुण युवाओं को काम, अन्नदाताओं को सहारा देने और बेटियों को बेटों के समान आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए संकल्पित है।

गीता का संदेश कालजयी

मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता में श्रीकृष्ण द्वारा दिखाया गया कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का मार्ग किसी एक युग तक सीमित नहीं है। श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि समाज की वास्तविक शक्ति सामूहिक सहकारिता में निहित है।

विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प लेने का आह्वान

सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर विरासत के संरक्षण और सामाजिक समरसता का संकल्प लें। उन्होंने सभी से श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल के संदेश को जीवन में उतारने और एक विकसित एवं गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण में योगदान देने की अपील की।

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