लखनऊ: निजीकरण का विरोध करेगी प्रसपा, लोहिया जन विमर्श का शिवपाल ने किया विमोचन

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) द्वारा लोहिया पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के लोहिया सत्र का समापन करते हुए प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की एकांगी निजीकरण लोहिया व गांधी की सोच के विरुद्ध है। इससे आर्थिक विषमता व बेरोजगारी बढ़ेगी। देश की अर्थव्यवस्था पर जितना अधिकार पूँजीशाही का है उतना ही अधिकार किसानों व छोटे व्यवसायिओं का है, ऐसे में कुछ अरबपतियों को ही ध्यान में रख कर नियम बनाना गलत है।

प्रसपा निजीकरण और उन सभी कार्यों का विरोध करेगी जो आम जन के समावेशी हितों के प्रतिकूल हैं । इस अवसर पर बौद्धिक सभा के अध्यक्ष दीपक मिश्र द्वारा संपादित लोहिया जन विमर्श का विमोचन करते हुए श्री यादव ने कहा कि लोहिया बयालीस की क्रांति व गोवा मुक्ति संग्राम के नायक थे। उन्होंने गांधी के अभियानों को पूर्ण प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाया। लोहिया ने चीन के विरुद्ध तिब्बत का साथ दिया। लोहिया ने जिन कारणों से गैर-कांग्रेसवाद का नारा दिया था, वे कारण आज और भी अधिक त्रासद व भयावह रूप में विद्यमान हैं। फर्क इतना है कि उस समय कांग्रेस सत्तासीन थी, इस समय भाजपा है। लोहिया होते तो आज गैर- भाजपावाद मुहिम चलाते। अब यह मुहिम लोहिया से प्रेरणा लेकर प्रसपा करेगी।

अंग्रेजी के अच्छे जानकार होने के बावजूद लोहिया ने हिंदी व भारतीय भाषाओं में शासनतंत्र चलाने की खुली वकालत की थी। पूर्व मंत्री शारदाप्रताप शुक्ला ने लोहिया के हिंदी आंदोलन व विकेंद्रीकरण के पक्ष में आवाज उठाया। पूर्व मंत्री शादाब फातिमा ने कहा कि लोहिया व गांधी का राष्ट्रवाद असली राष्ट्रवाद है, भाजपा राष्ट्रवाद के नाम पर साम्प्रदायिकता को बढ़ा रही है। बौद्धिक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक मिश्र ने लोहिया के विचारों पर व्यापक विमर्श चलाने की आवश्यकता है, बौद्धिक सभा लोहिया पर पूरे भारत में 53 कार्यशालाओं का आयोजन करेगी। कार्यशाला की अध्यक्षता पूर्व विधायक व प्रदेश अध्यक्ष सुंदरलाल लोधी व संचालन प्रोफेसर दीपक राय ने किया।

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