सीईओ सर्च कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, तीन नामों का पैनल तैयार; कल ट्रस्ट करेगा अंतिम नाम पर फैसला

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक सीईओ के चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया है। कुल 5585 आवेदन आए थे, जिनमें कई चरणों की स्क्रीनिंग और साक्षात्कार के बाद तीन उम्मीदवार चुने गए। अंतिम फैसला दो सितंबर की बैठक में होगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्णायक दौर में पहुंच गई है। सीईओ चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी। चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद कमेटी ने सीईओ पद के लिए तीन नामों का पैनल तैयार किया है। अब पैनल में शामिल नामों पर अंतिम फैसला ट्रस्ट करेगा। दो सितंबर को प्रस्तावित ट्रस्ट की अहम बैठक में सीईओ के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।

राम मंदिर परिसर में हुई बैठक के बाद सर्च कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी महाराज को रिपोर्ट सौंपी। इस दौरान ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावड़े भी शामिल हैं।

प्रक्रिया में कुल 5585 आवेदन प्राप्त हुए

सीईओ के चयन के लिए शुरू हुई प्रक्रिया में कुल 5585 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदनों की स्क्रीनिंग के लिए कमेटी ने पात्रता, अनुभव और अन्य मानकों को शामिल करते हुए 600 अंकों का मूल्यांकन फॉर्म तैयार किया। इसमें 3577 आवेदकों ने हिस्सा लिया। स्क्रीनिंग के बाद 470 या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले 108 उम्मीदवार अगले चरण के लिए चुने गए। इन उम्मीदवारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की गई।

करीब चार दिन चली इस प्रक्रिया के बाद 17 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। अंतिम चरण के लिए सभी को अयोध्या बुलाया गया। इनमें से एक उम्मीदवार व्यक्तिगत कारणों से नहीं आ सका, जबकि 16 उम्मीदवारों का दो दिन तक आमने-सामने इंटरव्यू हुआ। अनुभव, विजन, कार्यक्षमता और संबंधित विषयों की समझ समेत विभिन्न पहलुओं के आकलन के बाद कमेटी ने तीन सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया।

सर्च कमेटी ने मंगलवार को यही रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में तीन नामों के साथ चयन प्रक्रिया से जुड़ी सिफारिशें भी शामिल हैं। अब न्यास मंडल पैनल में शामिल नामों पर विचार कर किसी एक नाम पर अंतिम निर्णय करेगा।
 

UP: CEO search committee submits report, panel of three names prepared; Trust to decide on the final name tomo

बढ़ते श्रद्धालु दबाव के बीच पेशेवर प्रबंधन की जरूरत

राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या, मंदिर परिसर के विस्तार, निर्माण कार्यों, श्रद्धालु सुविधाओं, सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और रोजमर्रा की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखते हुए पूर्णकालिक सीईओ की जरूरत महसूस की गई है। सीईओ मंदिर की प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्थाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर के बेहतर प्रबंधन के लिए सक्षम सीईओ की आवश्यकता महसूस की गई थी। इसी उद्देश्य से विशेषज्ञों की मदद से चयन प्रक्रिया शुरू की गई। हजारों आवेदनों की छंटनी और कई चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद सर्च कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि, अंतिम निर्णय न्यास मंडल ही करेगा।

बैठक पर टिकी निगाहें, पहुंचे ट्रस्टी

सीईओ चयन की लंबी प्रक्रिया अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। दो सितंबर को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में सर्च कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा होगी। ट्रस्ट की सहमति बनने पर इसी बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक सीईओ के नाम की घोषणा की जा सकती है।

बैठक के लिए कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी, युगपुरुष परमानंद, शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती अयोध्या पहुंच चुके हैं। जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ, केशव पराशरण बैठक से ऑनलाइन जुड़ेंगे। जबकि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, अंतरिम महासचिव डॉक्टर कृष्ण मोहन, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, पहले से ही अयोध्या में मौजूद हैं।

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