विचार संगोष्ठी के साथ मनाया गया संविधान दिवस 

आनन्द गुप्ता/के0के0 सक्सेना बहराइच। जिले में भारतीय संविधान दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।इस अवसर पर जगह जगह सभाएं आयोजित की गईं और विचार  संगोष्ठी के माध्यम से संविधान में दिए गए अधिकार पर  प्रकाश डाला गया। संविधान किसी भी देश के लिए एक रीढ़ की हड्डी की तरह काम करता है। संविधान में नागरिकों के लिए निहित अधिकारों और कर्तव्यों के दम पर देश सुचारु रूप से चल पाता है। संविधान मूलतः किसी भी देश की शासन प्रणाली और राज्य को चलाने के लिए बनाया गया एक लिखित दस्तावेज होता है। आजादी के बाद देश में एक संविधान की जरुरत महसूस की गई। जिसके बाद संविधान को बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। संविधान निर्माण के लिए कई देशों के संविधान का अध्यन किया गया। जिसके बाद उनकी मदद से भारत देश का संविधान तैयार किया गया।

इस अवसर पर जिले की ख्यातिलब्ध संस्था आदर्श कल्याण सेवा समिति जोशियपुरा द्वारा संचालित ओल्ड एज होम राजापुर माफी राम गांव बहराइच एवं बाराबंकी में भारतीय संविधान दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

संविधान दिवस के अवसर पर प्रबंधक समाज सेवी अनिल कुमार प्रधान ने दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया और आशीर्वाद प्राप्त किया तत्पश्चात आश्रम में कार्यरत वार्डन श्रीमती अनुराधा ने भारतीय संविधान पर अपना विचार आश्रम में निवासरत वृद्ध माता-पिता को अनिल प्रधान ने कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं कि प्रतिवर्ष 26 नवंबर को पूरे भारतवर्ष में संविधान दिवस मनाया जाता है जिसे कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता है भारतीय संविधान दुनिया के सबसे लंबे संविधानों में से एक है सर्वप्रथम इस सभा की स्थापना 06 सितंबर सन 1946 ई0 को की गई थी इस सभा में जितने भी सदस्य थे वह सभी भारत के राज्यसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने हुए थे इस सभा के स्थाई अध्यक्ष बने थे।

डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद इससे पहले अस्थाई अध्यक्ष थे सच्चिदानंद राव प्रारूप समिति के अध्यक्ष बने थे डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी अन्य प्रमुख सदस्य थे सरदार वल्लभ भाई पटेल जी जवाहरलाल नेहरू जी मौलाना अब्दुल कलाम जी अनुसूचित वर्गों से 30 से ज्यादा सदस्य इस सभा में शामिल किए गए थे भारत के विशाल संविधान को बनाने में 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन लगे थे 26 नवंबर सन 1949 को पूर्ण रूप से या संविधान बनाकर तैयार किया गया था 26 जनवरी सन 1950 को पूरे भारतवर्ष में लागू किया गया था तब से 26 जनवरी को भारतीय संविधान दिवस के रूप में हमेशा मनाया जाता है डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक भी माना जाता है।

इस अवसर पर माता-पिता द्वारा भजन कीर्तन रंगारंग कार्यक्रम आयोजन प्रस्तुत किया गया । कार्यक्रम में आश्रम के डॉ0 प्रदीप कुमार पांडे , पार्ट टाइम योगा टीचर श्रीमती अंजुला पांडे , पार्ट टाइम सोशल वर्कर अंकित श्रीवास्तव  व पार्ट टाइम नर्स स्टाफ मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए आश्रम वार्डन श्रीमती अनुराधा ने  वृद्ध माता-पिता के मध्य फ़ल आदि का वितरण कर वृद्ध माता-पिता से आशीर्वाद प्राप्त किया।सभी के साथ बैठकर भोजन किया गया।तदोपरांत सभा का समापन हुआ।

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