रायबरेली: बेपटरी स्वास्थ व्यवस्था, जिम्मेदार मौन

सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नही आ पा रही है। कोविड 19 के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं ने लोगो को लाभ देने की बजाय उनकी परेशानी ही बढ़ाई है। ताजा मामला शिवगढ़ थाना क्षेत्र का जहाँ स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत से अवैध रूप से चल रहे पंकज पॉली क्लीनिक में इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। मृतक के पति ने डॉक्टर पंकज श्रीवास्तव के गलत इलाज से मौत होने का आरोप लगाया है। फिलहाल पीड़ित परिवार ने अब तक कोई शिकायत नही की है जिससे अवैध नर्सिंग होम संचालकों के हौसले बुलंद हैं।

जिला मुख्यालय से दूर लखनऊ के करीब स्थित शिवगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारीयो की मिलीभगत से दर्जन भर से अधिक नर्सिंग होम अवैध रुप से संचालित हैं। इन नर्सिंग होम का कही भी रजिस्ट्रेशन नही है जिसके चलते यह मनमाने काम और दाम वसूलते हैं। बृहस्पतिवार को शिवगढ़ थाना क्षेत्र के नेरुथुवा गांव के रहने वाले राजेश रैदास की गर्भवती पत्नी मालती उम्र 35 वर्ष जो 8 महीने की गर्भवती थी पैरों में दर्द हो रहा था जिसको उसका पति पत्नी को लेकर पंकज पॉलीक्लिनिक भवानीगढ़ चौराहा पहुंचा, वहां पर पंकज पालीक्लीनिक के संचालक डॉ पंकज श्रीवास्तव ने प्रसूता का इलाज शुरू कर दिया प्रसूता के पति का कहना है कि जैसे ही डॉक्टर पंकज ने इंजेक्शन लगाया वैसे 1 घंटे बाद मेरी पत्नी की तबीयत बिगड़ने लगी फिर भी शाम 4:00 बजे तक डॉक्टर पंकज इलाज करते रहे और इलाज के नाम पर ₹14000 भी ले लिये। शाम 4:00 बजे जब प्रसूता की हालत बहुुत बिगड़ गई तो पंकज पाली क्लीनिक के संचालक डॉ पंकज अपनी चार पहिया वाहन से प्रसूता को लेकर बछरावां जा रहे थे जहां रास्ते में प्रसूता ने दम तोड़ दिया परिजनों के कहने पर मृतक के पति राजेश ने पत्नी का अंतिम संस्कार कर दिया। पति का आरोप है कि गलत इलाज करने के कारण मेरी पत्नी की मौत हुई है डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उधर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ एल पी सोनकर का कहना है कि भवानीगढ़ चौराहे पर संचालित पंकज पॉली क्लिनिक रजिस्टर्ड नहीं है फर्जी संचालित हो रहा है यदि शिकायत मिलेगी विभाग द्वारा मुकदमा पंकज पाली क्लीनिक पर दर्ज कराया जाएगा।

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