एअर इंडिया हादसा अब ‘दुर्घटना’ करार, एयरबस की बढ़ेगी जवाबदेही; प्रभावित यात्रियों को मिलेगा भारी मुआवजा

36,000 फीट की ऊंचाई पर एअर इंडिया के विमान में हुए हादसे को विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) ने आधिकारिक तौर पर पूर्ण दुर्घटना (एक्सिडेंट) घोषित कर दिया है।

इस एक बदलाव ने पूरे मामले की गंभीरता और जवाबदेही का दायरा पूरी तरह बदल दिया है। अब इसका सीधा असर विमान निर्माता कंपनी एयरबस, आरोपित पायलट और प्रभावित यात्रियों पर पड़ने जा रहा है।

विमान निर्माता एयरबस की सीधी जवाबदेही 

मामला ‘दुर्घटना’ की श्रेणी में दर्ज होने के बाद अब फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी ‘एयरबस’ और अंतरराष्ट्रीय उड्डयन एजेंसियां इस जांच में सीधे तौर पर कटघरे में हैं। आधुनिक एयरबस ए320 विमान में बैकअप के तौर पर तीन अलग-अलग हाइड्रोलिक सिस्टम (ग्रीन, ब्लू और येलो) होते हैं।

नौ सेकेंड के भीतर ये एक एक करके ठप्प पड़ गए। आटोपायलट बंद होते ही प्लेन पहले 372 फीट ऊपर उछला और फिर तेजी से 292 फीट नीचे गिरा। एयरबस की तकनीकी टीम को अब अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के सामने यह साबित और स्पष्ट करना होगा कि तीनों बैकअप सिस्टम एक ही समय पर एक साथ कैसे ठप हो गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में पीटीयू (पावर ट्रांसफर यूनिट) पहले से ही खराब था और इसे मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट के तहत उड़ाया जा रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि विमान को उड़ान भरने से पहले 28 जुलाई से ही पावर ट्रांसफर यूनिट की खराबी के साथ उड़ाया जा रहा था।

पीटीयू वह सिस्टम है जो ग्रीन और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम के बीच प्रेशर ट्रांसफर करता है। यह एंगल एयरबस और मेंटेनेंस टीम की भारी चूक की ओर इशारा करता है। एयरबस की तकनीकी टीम (जो 12 अगस्त को भारत आई थी) को अब यह स्पष्ट करना होगा कि तीनों बैकअप सिस्टम एक साथ कैसे ठप पड़े।

विमान को पहुंचा काफी नुकसान 

रिपोर्ट बताती है कि झटका इतना तेज था कि टायलेट का कमोड अपनी जगह से उखड़ गया। इमरजेंसी एग्जिट हैंडल टूट गया और 20वीं-25वीं पंक्ति के ओवरहेड लगेज बिन के दरवाजे और हैंडरेल पूरी तरह से टूट गए।

एयर इंडिया ने पायलट को निकाला

एअर इंडिया के प्रवक्ता ने ब कि पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव सब्सटेंस के लिए किया गया टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। सुरक्षा, फिटनेस या नियामकीय आवश्यकताओं के उल्लंघन के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पायलट की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

प्रभावित यात्रियों को मिलेगा भारी कानूनी मुआवजा 

अंतरराष्ट्रीय उड्डयन संधि (मांट्रियल कन्वेंशन) के तहत जब किसी उड़ान की घटना को ‘दुर्घटना’ माना जाता है, तो एयरलाइन (एअर इंडिया) के लिए घायलों और प्रभावित यात्रियों को भारी कानूनी मुआवजा देना अनिवार्य हो जाता है।

इस हादसे में घायल हुए 24 लोगों (20 यात्री और 4 केबिन क्रू) को अब इसके तहत पूरा हर्जाना मिलेगा।

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