पीएम मोदी ने रखे कौन से तीन लक्ष्य? व्यापार बाधाओं लेकर से भारत के आर्थिक पुल का जिक्र.

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत दुनिया के कई देशों के नेता शामिल हुए। फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में व्यापार बाधाएं बढ़ रही हैं, जबकि भारत आर्थिक पुल बना रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 से भारत करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कारोबार के लिए अवसर बढ़ाने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत कृषि, स्वास्थ्य, कौशल और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क स्थापित किए गए हैं।

पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें

  • प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें केवल चार देश थे। आज ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों को मिलाकर इसका परिवार 21 देशों तक पहुंच गया है।
  • उन्होंने कहा कि आज ब्रिक्स देश दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत जीडीपी और वैश्विक व्यापार के 25 प्रतिशत से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में जहां वैश्विक जीडीपी करीब ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी करीब साढ़े चार गुना बढ़ी है।
  • पीएम मोदी ने कहा, ‘दूसरे शब्दों में कहें तो ब्रिक्स की आर्थिक ताकत बाकी दुनिया की तुलना में करीब दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है। ब्रिक्स देश वैश्विक नवाचार और समाधान के प्रमुख केंद्रों के रूप में भी उभर रहे हैं। जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकों तक नवाचार की नई संभावनाएं हमारे देशों में आकार ले रही हैं। ब्रिक्स के बढ़ते स्तर, गति और उम्मीद का असर हमारे बीच साफ दिखाई देता है। भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।’
  • भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका आधार ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने इस मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों का आधार बनाया है।
  • पीएम ने कहा, ‘लचीलेपन की बात करें तो भारत ने ऊर्जा से लेकर तकनीक तक विभिन्न क्षेत्रों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाया है। इसी लचीलेपन का नतीजा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत आज विकास और स्थिरता का भरोसा देता है। हम सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। साथ ही जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज और जैव प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं तैयार कर रहे हैं।’
  • उन्होंने कहा कि भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई ने बड़े स्तर पर वित्तीय समावेशन और डिजिटल लेनदेन को नई गति दी है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज दुनिया के रियल टाइम भुगतान का 50 प्रतिशत इसी तकनीक के जरिए होता है।’ वैश्विक व्यापार में बढ़ती चुनौतियों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘आज जब दुनिया में व्यापार की बाधाएं बढ़ रही हैं, भारत आर्थिक पुल बना रहा है। 2014 से हमने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।’ 
  • उन्होंने कहा कि भारत का रुख व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कारोबार के लिए अवसर बढ़ाने पर केंद्रित है। इसी वजह से भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में कृषि, स्वास्थ्य, कौशल और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए नेटवर्क बनाए गए हैं। पीएम ने कहा, ‘स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बाजार और वित्त से जोड़ने के लिए हमने ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क, ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड जैसी पहल शुरू की हैं। आप सभी इन सहयोग ढांचों का इस्तेमाल हमारे देशों के बीच निवेश और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं।’
  • समुद्री व्यापार की सुरक्षा पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘वैश्विक व्यापार की प्रगति तभी संभव है जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले रहें और नाविक सुरक्षित रहें। यही वजह है कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का मजबूत समर्थक है।’ उन्होंने ब्रिक्स महिला बिजनेस गठबंधन को भी भारत के विजन का अहम हिस्सा बताया। मोदी ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि महिला उद्यमी हमारी विकास यात्रा का नेतृत्व करें। हमें खुशी है कि भारत में आयोजित इस गठबंधन की बैठक में करीब 200 महिला कारोबारी नेताओं ने हिस्सा लिया।’
  • ब्रिक्स के तीसरे दशक में प्रवेश का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल से व्यापार और कारोबार के विस्तार को लेकर ठोस लक्ष्य तय करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार की शीर्ष 10 बाधाओं को दूर करने पर रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए।

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