
प्रयागराज से दिल्ली आ रहे अलायंस एयर के एक विमान को शुक्रवार दोपहर हवा में इंजन फेल होने के बाद आइजीआइ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार क्रू सहित 40 सवार पूरी तरह सुरक्षित हैं।
अलायंस एयर की उड़ान संख्या 9आइ 698 ने प्रयागराज से उड़ान भरी थी। दिल्ली पहुंचने से पहले हवा में ही विमान के दो में से एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। अलर्ट मिलते ही आइजीआइ एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी लागू कर दी गई और दोपहर करीब 2:15 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
सूत्रों का कहना है कि जिस विमान के इंजन के फेल होने की बात सामने आ रही है, वह शुक्रवार को सुबह 10.45 बजे बिलासपुर से प्रयागराज के लिए रवाना हुआ। यहां 11.58 में लैंडिंग के बाद यह 12.33 बजे नई दिल्ली के रवाना हुआ। रास्ते में मेरठ के आसपास विमान के पायलट को कुछ दिक्कत महसूस हुई।
इसके बाद पायलट ने एटीसी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया और एटीसी से इमरजेंसी लैंडिंग कराने की बात कही। इसके बाद एयरपोर्ट पर पूरी तैयारी के बीच विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई। इमरजेंसी लैंडिंग होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। विमानन नियामक संस्था डीजीसीए ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

दो सप्ताह में सुरक्षा से जुड़ी दूसरी बड़ी लापरवाही
अलायंस एयर के विमानों में तकनीकी खराबी की यह दो सप्ताह के भीतर दूसरी गंभीर घटना है। इससे पहले 28 अगस्त को दिल्ली से बिलासपुर (छत्तीसगढ़) पहुंची अलायंस एयर की ही उड़ान (9आइ 613) के साथ बड़ा हादसा होते-होते बचा था। तब बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान का बायां टायर फट गया था, जिससे रनवे पर चिंगारी उठी और तेज घर्षण हुआ।
हालांकि, पायलट की सूझबूझ से विमान अनियंत्रित नहीं हुआ और उसमें सवार सभी 37 यात्री व 4 क्रू मेंबर्स बाल-बाल बच गए। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद एयरलाइन के बेड़े के रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सरकारी कंपनी है अलायंस एअर
अलायंस एअर भारत की एक प्रमुख क्षेत्रीय एयरलाइन है। जहां आज देश की अधिकांश एयरलाइंस निजी हाथों में हैं, वहीं एलाइंस एअर पूरी तरह से एक सरकारी एयरलाइन है। इसकी स्थापना 1996 में इंडियन एयरलाइंस की एक सहयोगी कंपनी के रूप में हुई थी।
बाद में यह एअर इंडिया की सहायक कंपनी बनी। वर्ष 2021-22 में जब केंद्र सरकार ने एअर इंडिया का निजीकरण कर उसे टाटा ग्रुप को सौंपा, तब एलाइंस एअर को उस सौदे में शामिल नहीं किया गया।
अलायंस एअर का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत देश के छोटे-छोटे शहरों (जैसे बिलासपुर, शिमला, कुल्लू आदि) को बड़े मेट्रो शहरों से हवाई मार्ग द्वारा जोड़ना है। इसके बेड़े में मुख्यतः छोटे एटीआर और डोर्नियर विमान शामिल हैं ।




