
सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार सोची-समझी साजिश के तहत अधिकारियों के माध्यम से प्रदेश को सांप्रदायिक रास्ते पर ले जाना चाहती है। जब हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिल सकता था तो सहारनपुर में मस्जिद क्यों गिरा दी गई। जो लोग आज कानून नहीं मान रहे हैं, वे कल सपा सरकार बनने पर उसे मानेंगे। उन्होंने भाजपा को संविधान व कानून के खिलाफ काम करने वाला बताया। साथ ही कहा कि एआई का इस्तेमाल अच्छाई के लिए होना चाहिए।
प्रदेश सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश ने कहा कि हाईवे बीजेपी के लोगों की जेबें भरने के लिए बनाए गए है। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर 118 जगह सड़क टूटी। 60 प्रतिशत कमीशन चल रहा है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का पैसे से कुछ अंडरग्राउंड, सुरंगी लोग हमारे खिलाफ षड्यंत्र करके एआई से वीडियो बना रहे हैं। अगर वे वीडियो बनाएंगे तो वीडियो इधर से भी बनेगा। एआई का प्रयोग समाज में अच्छाई लाने के लिए होना चाहिए, नकारात्मक राजनीति के लिए नहीं होना चाहिए।

सपा बंधुराष्ट्र बनाने के लिए काम कर रही
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता भाषण में तो पहले ही सांप्रदायिक थे और अब अपने कामों से भी कम्युनल हो गए हैं। महंगाई, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार चरम पर है। निवेश नहीं आ रहा है। नौकरियां नही हैं। भाजपा सरकार सरकारी इमारतों और संसाधनों को बेचने पर उतारू हैं। दिल्ली की सरकार दिल्ली से बेच रही है और लखनऊ की सरकार प्रदेश में बेच रही है। इन बेचने वालों का इलाज इस बार जनता करेगी। सपा बंधुराष्ट्र बनाने के लिए काम कर रही है।
पूर्व सीएम ने कहा कि सपा नेता और कार्यकर्ता बंद स्कूलों पर पहुंचे तो सरकार ने पुलिस को आगे कर दिया। सहारनपुर जा रहे सपा प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों, सांसदों और विधायकों को उनके घरों पर रोके जाने पर अखिलेश ने कहा कि पुलिस चोर, डकैत व बदमाशों को नहीं पकड़ रही है, राजनीतिक लोगों की घेराबंदी कर रही है। सहारनपुर जा रहे समाजवादी पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों के घरों को पुलिस ने घेर रखा है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पीडीए में लोग एक पीड़ा से बंधे हैं। इसीलिए भाजपा वालों के पेट में दर्द हो रहा है। हम साधु-संतो का बहुत सम्मान करते हैं। हमेशा करते रहेंगे, लेकिन जो दरारवादी और संकीर्ण विचारधारा के लोग हैं, वे विपक्ष के खिलाफ किस तरह का वीडियो बना रहे हैं, सभी लोगों ने देखा है।




