राहुल गांधी मानहानि केस: बहस का अंतिम मौका, कोर्ट ने भाजपा नेता को चेतावनी के साथ दी 21 सितंबर की तारीख

राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने साल 2018 में बंगलूरू में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी मामले में 4 अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन और भाजपा नेता विजय मिश्र ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि केस में बुधवार को सुनवाई टल गई। राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद हैं। शिकायतकर्ता भाजपा नेता विजय मिश्रा के वकील संतोष पांडेय ने कोर्ट से बहस के लिए और समय मांगा। उन्होंने बताया कि वे धार्मिक आयोजन में व्यस्त होने के कारण तैयारी नहीं कर पाए थे।

राहुल गांधी के वकील काशी शुक्ला ने बताया कि एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने संतोष पांडेय को चेतावनी के साथ अंतिम मौका दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।

इससे पहले, भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के वॉइस सैंपल का मिलान विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराने की अर्जी दी थी। यह अर्जी ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट दोनों से खारिज हो गई थी। विजय मिश्र ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी। पिछली सुनवाई 3 सितंबर को हुई थी। तब शिकायतकर्ता भाजपा नेता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि इस मामले में 1 सितंबर को हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है।

राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने साल 2018 में बंगलूरू में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी मामले में 4 अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन और भाजपा नेता विजय मिश्र ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था।

इस केस में कोर्ट ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को पेश होने के लिए बुलाया था। जब वे पेश नहीं हुए, तो उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ। इसके बाद राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में हाजिर हुए और जमानत ली। उन्होंने 25-24 हजार रुपये के दो मुचलके भरे थे।

राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को अपना बयान दर्ज कराया था। इससे पहले, 20 फरवरी को भी वे कोर्ट में पेश हुए थे, जहां उनका बयान दर्ज किया गया था। इसके बाद शिकायतकर्ता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का मिलान कराने के लिए अर्जी दी थी। ट्रायल कोर्ट ने 2 मई को यह अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ सेशन कोर्ट में दायर अर्जी भी 15 जुलाई को खारिज हो गई थी।

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