
मानसून सत्र के दौरान विधानसभा तीन दिनों में महज दो घंटे 43 मिनट ही चल सकी। तीन दिनों के सत्र में सदन की कुल बैठक अवधि पांच घंटे 32 मिनट रही, किंतु दो घंटे 49 मिनट व्यवधान में ही निकल गए। यानी सदन जितना चला, उससे अधिक समय हंगामे की वजह से ठप रहा।
विधानमंडल का मानसून सत्र तीन अगस्त से शुरू हुआ था। विधानसभा में पहले दिन आजमगढ़ जिले की निजामाबाद सीट से सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक व्यक्त कर कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी।

लोकहित के कुल सात प्रस्ताव चर्चा के लिए विपक्ष ने दिए थे, सभी स्वीकृत हुए, लेकिन चर्चा एक में भी नहीं हो सकी।
अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर चर्चा कराने के लिए कुल 17 नोटिस विपक्ष ने दिए थे, किंतु किसी में भी चर्चा नहीं हो सकी। दूसरे और तीसरे दिन भी विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा को स्थगित करना पड़ा था।




