
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को वृंदावन पहुंचे और श्री हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने संतों का सम्मान किया और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े पर वह क्या श्रीकृष्ण की स्मृति को मिटा पाए, नहीं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वृंदावन के पवन हंस हेलीपैड पर आगमन के बाद स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह पहुंचकर इसका भव्य लोकार्पण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान प्रसाद धानुका विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगीत से हुआ। इसके बाद ब्रज के कलाकारों ने राधा-कृष्ण की लीलाओं का मनमोहक मंचन किया। समारोह में गुजरात के गरबा और ब्रज के प्रसिद्ध मयूर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
संतों का सम्मान और अन्नप्राशन
लोकार्पण से पूर्व मुख्यमंत्री ने भगवान कृष्ण के स्वरूप में सजे-धजे नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन कराकर उन्हें उपहार भेंट किए। इसके साथ ही उन्होंने ब्रज के प्रमुख संतों फूलडोल बिहारी दास महाराज, महंत सुतीक्ष्ण दास, महंत सनतकुमार शरण महाराज, स्वामी रामदेवानंद सरस्वती और संत बलराम दास का स्वागत व अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान 321 सपेरा समाज के लाभार्थियों को भवन आवंटन पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

ब्रज में तेजी से बदल रही विकास की तस्वीर
पूर्व मंत्री व विधायक श्रीकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि ब्रज से लेकर गोरखपुर तक सतत विकास हो रहा है। उन्होंने कहा, “योगी बाबा आयो है, एक हजार इक्यावन करोड़ रूपैया लायौ है।” वर्ष 2017 से पहले ब्रज की स्थिति जर्जर थी, लेकिन केंद्र में नरेंद्र मोदी और राज्य में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है। उन्होंने बताया कि पूर्व में यमुना में गिरने वाले मथुरा के 36 में से 32 नालों को बंद कर दिया गया है और शेष 4 नाले भी अक्टूबर तक पूरी तरह बंद हो जाएंगे। साथ ही सूरदास ब्रजभाषा अकादमी की स्थापना और ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर पड़ाव स्थलों के निर्माण का कार्य तेजी से जारी है।
विश्वभर के कलाकारों को मिलेगा नया मंच
हेमा मालिनी सांसद हेमा मालिनी ने ‘राधे-राधे’ के संबोधन के साथ प्रेक्षागृह को ब्रज की कला, संगीत, नृत्य और साहित्य का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रेक्षागृह स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा मंच प्रदान करेगा और आने वाले समय में विश्वभर के कलाकार यहां अपनी प्रस्तुतियां देंगे। यह केंद्र ब्रज की महान परंपरा और भाषा को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री संदीप सिंह, विधायक पूरन प्रकाश, राजेश चौधरी, ठाकुर मेघश्याम, संत विजय कौशल महाराज, ओमप्रकाश सिंह, योगेश नौहवार और उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की दी बधाई
मथुरा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने 1,051 करोड़ रुपये की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह को संबोधित किया। कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर मुझे ब्रज क्षेत्र में यहां की विकास परियोजनाओं के साथ यहां की लोक पंरपरा और लोक कला के साथ जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। ब्रज की पावन धरा से प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई देता हूं। इससे अच्छा अवसर होगा क्या होगा कि ब्रज की भक्ति को जिन्होंने अपनी साधना का केंद्र बिन्दु बनाया, ऐसे पूज्य स्वामी हरिदास जी की स्मृति में प्रेक्षागृह को लोकार्पण, पूज्य संतों और श्रीकृष्ण और राधारानी की अनुयायियों की की उपस्थिति में हो रहा है इसके लिए सभी को हृदय से बधाई देता हूं।
इतिहास की ओर देखना आवश्यक
सीएम ने कहा कि एक राष्ट्र अपनी स्मृति से महान बनता है, संस्कृति से महान बनता और अपनी जड़ों को खोजने से महान बनता है। जिस समाज को अपनी जड़ों का ज्ञान न हो वो आधुनिकता को भी दूसरों की नकल समझ लेता है। जिस समाज को विरासत का बोध होता है, वह दुनिया से सीखता है और दुनिया को सिखाता है। जब हम अपनी विरासत की बात करते हैं, तो इतिहास की ओर देखना भी आवश्यक है। जो उपलिब्धयों का नहीं, संघर्ष का इतिहास है। संरक्षण का इतिहास है, यह पुनर्निर्माण का इतिहास है, यह सनातन की निरंतरता का इतिहास है। मथुरा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित केशवदेव मंदिर के इतिहास ने कई आक्रमण सहे हैं। विदेशी आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े पर वह क्या श्रीकृष्ण की स्मृति को मिटा पाए? राधारानी की स्मृति को मिटा पाए? क्या जन्माष्टमी का आयोजन रुक गया? क्या बरसाना की होली थम गई? क्या गोवर्धन की परिक्रमा रुकी? नहीं। यही है हमारा सनातन, यही है ब्रज की शक्ति।
विकास के नाम पर विरासत का हुआ अपमान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में बड़ा बदलाव आया है, जहां दंगों और अशांति के डर की जगह अब त्योहार मनाए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक विकास को केवल सड़कों, बिजली, पानी, इमारतों और उद्योगों के नजरिए से देखा गया, जबकि विरासत को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक हमने विकास को केवल सड़कों, बिजली, पानी, इमारतों और उद्योगों के नजरिए से देखने की कोशिश की। विकास के नाम पर विरासत का अपमान होता रहा और इतिहास के नायकों को भारत की यादों से मिटाने की कोशिशें की गईं। उन्होंने ब्रज की सांस्कृतिक और संगीत विरासत में स्वामी हरिदास के योगदान को याद किया। कहा कि स्वामी हरिदास जी महाराज ने भक्ति को संगीत का रूप दिया, संगीत को आध्यात्मिक साधना का माध्यम बनाया और आध्यात्मिक साधना को समाज की चेतना से जोड़ा। स्वामी हरिदास की संगीत साधना इतनी प्रभावशाली थी कि उसने एक सम्राट को भी भक्ति की ओर प्रेरित किया।
विरासत से जुड़कर ही पूरा होगा विकसित राष्ट्र का सपना
सीएम ने कहा कि हमारा संदेश बहुत साफ है। भारत अपनी विरासत से जुड़कर ही एक विकसित राष्ट्र बनने का सपना पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ, जो बेहतर कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे का सबूत है। उन्होंने कहा कि पर्यटक तभी आएंगे जब वे सुरक्षित महसूस करेंगे। व्यापारी तभी निवेश करेंगे जब उन्हें सुरक्षा का भरोसा होगा। मां और बेटियां तभी निडर होकर बाहर निकलेंगी जब उन्हें सरकार पर भरोसा होगा। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगों और पत्थरबाजी से मुक्त है। अब धार्मिक आयोजनों की तैयारी में गड़बड़ी रोकने के बजाय बेहतर व्यवस्था करने पर ध्यान दिया जाता है। उन्होंने महाकुंभ का उदाहरण दिया, जिसमें 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। ब्रज के विकास पर उन्होंने कहा कि चौरासी कोसी, पंचकोसी और तीन अन्य परिक्रमा मार्गों पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि मथुरा के वृंदावन में रोपवे और मेगा पार्किंग सुविधा जैसी परियोजनाएं भी विकसित की जा रही हैं।




