
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में किसी भी तरह से साधु-संतों की संलिप्तता नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी का गठन किया, जिसकी जांच में साफ हुआ है कि जो प्रकरण में साधु संतों की संलिप्तता नहीं है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को विधानमंडल सत्र के दूसरे दिन मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने कार्य मंत्रणा समिति और दलीय बैठक में इस बात के लिए आश्वस्त किया था कि वो जिन मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं, नियम अंतर्गत अपनी नोटिस देंगे और जो विषय स्वीकार किए जाएंगे उस विषय पर तर्कपूर्ण जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, यह जानते हुए भी सपा ने सदन की अवमानना के साथ ही न्यायालय की निगरानी में चल रही प्रक्रिया को भी अपमानित किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने अयोध्या के जिस प्रकरण में चंदा चोरी की बात करते हैं, वहां चंदा चोरी नहीं, बल्कि चढ़ावा से जुड़ा एक प्रकरण था। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस प्रकरण में एसआईटी जांच के लिए शासन को पत्र लिखा था। जिसके बाद राज्य सरकार ने 13 जून को स्वयं उनके अनुरोध क्रम में एक एसआईटी गठित कर दी।

इस पूरे प्रकरण में 23 जून को पहली अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की और उसके क्रम में उत्तरप्रदेश सरकार ने ट्रस्ट को सिफारिश उपलब्ध करवाई। अयोध्या में एफआईआर दर्ज हुई, उपलब्ध साक्ष्य प्रमाण पर कुल 8 लोग पकड़े गए, जिसमे 6 लोग चढ़ावे से जुड़ी धनराशि को इधर-उधर करते देखे गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने इस पूरे प्रकरण को अपनी देख रेख में आगे बढ़ाया। इस प्रकरण में किसी भी साधु संत की कोई संलिप्तता एसआईटी रिपोर्ट में नहीं पाई गई।
श्रीरामजन्मभूमि प्रांगण में 1100 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, उसमें से 8 लोग की भूमिका इसमें पाई गई। इसके लिए साधु-संतों को अपमानित करना, उन्हें कठघरे में खड़ा करना आश्चर्यजनक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेसियों ने सदैव रामजन्मभूमि और भगवान श्रीराम का अपमान किया है, जिन्होंने अयोध्या की गलियों को और सरयू की पावन धारा को रक्तरंजित करने का प्रयास किया था। इन लोगों का आचरण देखें ये आज आस्था की बात करते हैं, जो लगातार हिंदुओ को और सनातन परंपरा को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं।




