
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए हालिया चुनावी नतीजों को जनता के आक्रोश का परिणाम बताया। उन्होंने X अकाउंट पर लिखा-“भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझने वालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया और उनके घमंड का बुखार भी उतार दिया।”
भाजपा की हार युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के गुस्से का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में “वोट चोरी, पेपर चोरी, चढ़ावा-चंदा-दान चोरी, नौकरी चोरी, आरक्षण चोरी, कमीशनखोरी, पीडीए पर अत्याचार, घोर भ्रष्टाचार, महंगाई, मिलावट के सरकारीकरण और माताओं-बेटियों के अपमान” जैसे मुद्दों से जनता त्रस्त रही।
भगवान को नचाने का अहंकार रखनेवालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझनेवालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुख़ार भी।

ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त परिणाम है क्योंकि:
– ‘वोट चोरी’
– ‘पेपर चोरी’
अपनी ही विधानसभा नहीं जिता पाए
उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगने का काम किया है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा के लोग भी अपने ही नेताओं का इस्तीफा मांगेंगे, क्योंकि जो अपनी ही विधानसभा नहीं जिता पाए, उनके भरोसे पार्टी आगे कैसे बढ़ेगी। यह हार उन लोगों की भी है जिन्होंने संगठन पर अपनी पसंद थोपकर नेतृत्व तय किया।
सपा प्रमुख ने भाजपा के संगठनात्मक नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “सबसे ज्यादा खुश वे लोग हैं जिन्हें पीडीए समाज से होने के बावजूद राष्ट्रीय स्तर का पद नहीं दिया गया।” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब लोग पूछ रहे हैं, “5 बड़ा या 7?” साथ ही यह भी कहा कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा नहीं जिता पाए तो प्रदेश अध्यक्ष विधानसभा चुनाव कैसे जिताएंगे।




