एजुकेट गर्ल्स की पहल: दरहटा में रात्रि चौपाल के ज़रिए बालिका शिक्षा को बढ़ावा

महराजगंज, । बालिका शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही गैर-लाभकारी संस्था एजुकेट गर्ल्स की ओर से ग्राम पंचायत दरहटा, विकास खंड मिठौरा में गुरुवार शाम रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। संस्था ग्रामीण और वंचित इलाकों में स्कूल से बाहर रह गई बालिकाओं को तालीम से जोड़ने और समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की मुहिम चला रही है। रात्रि चौपाल का अहम् उद्देश्य ग्रामीणों को बालिका शिक्षा के महत्व से रूबरू कराना और स्कूल से बाहर रह गई या पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं के नामांकन के लिए अभिभावकों को प्रेरित करना था।
चौपाल के दौरान बालिकाओं की तालीम, स्कूल में नियमित उपस्थिति, जरूरी दस्तावेजों और शिक्षा से मिलने वाले फायदों पर विस्तार से बातचीत की गई। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान श्रीमती प्रतिमा, स्वयंसेवक के तौर पर टीम बालिका अखिलेश कुमार, अभिभावकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान प्रेरणादायक वीडियो और फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसके जरिए बालिका शिक्षा का पैगाम लोगों तक आसान और असरदार तरीके से पहुँचाया गया। मौजूद लोगों ने भी अपने विचार साझा किए और हर बच्ची को स्कूल
से जोड़ने में सहयोग का यकीन दिलाया।


इस मौके पर ग्राम प्रधान श्रीमती प्रतिमा ने कहा, “एक पढ़ी-लिखी बेटी न सिर्फ अपना भविष्य बेहतर बनाती है, बल्कि दो परिवारों को आगे बढ़ाने और सशक्त बनाने की ताकत भी रखती है।” उन्होंने कहा कि तालीम पर लड़के और लड़कियों दोनों का बराबर हक है और समाज की तरक्की के लिए दोनों का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की और बालिका शिक्षा की इस मुहिम में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। एजुकेट गर्ल्स के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर वेद प्रकाश यादव ने बताया कि दिन के समय अधिकतर लोग अपने रोज़गार और कामकाज में व्यस्त रहते हैं, जबकि शाम को घर पर मौजूद होते हैं। ऐसे में, रात्रि चौपाल के माध्यम से गाँव की अवाम तक पहुँचकर बालिका शिक्षा का पैगाम देना काफी असरदार साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब समुदाय, ग्राम पंचायत और अभिभावक मिलकर कोशिश करते हैं, तो स्कूल से बाहर रह गई बालिकाओं को दोबारा तालीम से जोड़ना आसान हो जाता है। एजुकेट गर्ल्स टीम और ग्राम समुदाय के सहयोग से कार्यक्रम कामयाबी के साथ संपन्न हुआ। ग्रामीणों ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और गाँव की हर बच्ची को विद्यालय से जोड़ने के लिए मिलकर प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बेटियों की तालीम को मजबूत बनाने और उन्हें बेहतर भविष्य देने के लिए एकजुट होकर काम करने का हौसला दिखाया।

एजुकेट गर्ल्स के बारे में

एजुकेट गर्ल्स एक मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित भारतीय गैर-लाभकारी संस्था है, जो राज्य सरकारों के साथ सहयोग करती है और भारत के ग्रामीण एवं शैक्षिक रूप से वंचित क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को समर्थन देने के लिए गाँवों के समुदायों को संगठित करती है। यह संस्था शिक्षा का अधिकार अधिनियम (2009), ‘समग्र शिक्षा’ और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020) के अनुरूप कार्य करती है। सन् 2007 से, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में 55,000 से अधिक सामुदायिक स्वयंसेवकों के नेटवर्क के साथ, एजुकेट गर्ल्स ने 20 लाख से अधिक बालिकाओं के नामांकन को सुनिश्चित किया है और 24 लाख से अधिक बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार किया है। वर्ष 2035 तक, संस्था का लक्ष्य 1 करोड़ शिक्षार्थियों को सशक्त बनाना है।

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