
प्राकृतिक आपदाओं, मौसम की मार और रोगों से फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला किया है।
मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
पीएमएफबीवाई के तहत खरीफ 2026 से रबी 2026-27 तक प्रदेश के सभी जिलों में प्रमुख फसलों का ग्राम पंचायत स्तर पर बीमा कराया जाएगा, जबकि चयनित जिलों में औद्यानिक फसलों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू होगी।
प्रस्ताव के अनुसार केंद्र सरकार की एडवाइजरी और राज्य स्तरीय समन्वय समिति की संस्तुति के आधार पर पिछले तीन वर्षों से योजना का संचालन कर रही बीमा कंपनियों को ही वर्ष 2026-27 के लिए उनके आवंटित समूहों में कार्य जारी रखने की अनुमति दी गई है।
योजना के तहत किसानों का प्रीमियम बेहद सीमित रखा गया है। खरीफ फसलों के लिए किसानों को बीमित राशि का केवल दो प्रतिशत और रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा।
वहीं वार्षिक वाणिज्यिक एवं औद्यानिक फसलों के लिए किसानों का अंश अधिकतम पांच प्रतिशत तक सीमित रहेगा। वास्तविक प्रीमियम दर और किसानों के हिस्से के बीच का पूरा अंतर केंद्र और राज्य सरकार बराबर-बराबर वहन करेंगी।
सरकार ने बीमा कराने की अंतिम तिथियां भी तय कर दी हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ मौसम के लिए 31 जुलाई और रबी मौसम के लिए 31 दिसंबर तक किसान अपनी फसलों का बीमा करा सकेंगे।
हालांकि विभाग के अनुसार खरीफ फसलों के बीमा की अंतिम तिथि को अभी आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना में जोखिम प्रारंभ होने से एक दिन पहले तक बीमा कराया जा सकेगा।




