राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में था उत्तर प्रदेश, वर्ष 2017 से पहले अराजकता व विपन्नता: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा वाला है। यहां की भूमि अत्यंत उर्वरा है और जल संसाधन भी प्रचुर मात्रा में है।

लोकभवन में शुक्रवार मिशन कर्मयोगी के तहत “साधना श्रृंखला” की उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा युवा कार्यबल भी है। इसके बावजूद लंबे समय तक प्रदेश विपन्न बना रहा। संभावनाएं भरपूर थीं, लेकिन उन्हें उपलब्धियों में बदलने की इच्छाशक्ति नहीं थी। वर्ष 2017 से पहले राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में प्रदेश में अराजकता थी। उत्सवपूर्ण प्रदेश को उपद्रवग्रस्त बनाने के पीछे भी यही कारण था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुआ काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावनाओं को उपलब्धियों में बदलने के लिए जिस क्षमता निर्माण की जरूरत थी, वह वर्ष 2017 से पहले नहीं हो सका। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश ने जो काम किया है, वह सबके सामने है। वर्ष 2017 से पहले नागरिकों और प्रशासनिक मशीनरी दोनों के सामने पहचान का संकट था।
पिछले साढ़े नौ वर्षों में राज्य का बजट और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में केवल डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, आज देश के 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे हैं। रेल, रोड और एयर कनेक्टिविटी के लिहाज से प्रदेश देश में सबसे आगे है।

नागरिकों में था हताशा, निराशा और आक्रोश

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले आम नागरिकों में हताशा, निराशा और आक्रोश था। लोग थक चुके थे और सिस्टम से उनका विश्वास उठ गया था। शासन की सुविधाएं नागरिकों के लिए नहीं थीं तथा सिस्टम सत्ता-केंद्रित था। नौकरियों का विज्ञापन निकलते ही युवाओं के मन में आशंकाएं पैदा हो जाती थीं।
बड़ी आबादी भूख से मरने को मजबूर थी और पलायन उसकी नियति बन गया था। हमने सरकार में आने के बाद 65 लाख गरीबों को आवास दिया और तीन करोड़ से अधिक शौचालय बनवाए। 15 करोड़ से अधिक लोग मुफ्त अन्न योजना का लाभ ले रहे हैं।

मिशन कर्मयोगी में उत्तर प्रदेश को प्रथम, राजस्थान को द्वितीय और जम्मू-कश्मीर को तृतीय स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री ने इन राज्यों के अधिकारियों को सम्मानित किया। कार्यशाला में केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय) डॉ. जितेंद्र सिंह, क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) की अध्यक्ष एस. राधा चौहान, मुख्य सचिव एसपी गोयल, सीबीसी सदस्य डॉ. अलका मित्तल, सीबीसी सचिव जगदीप गुप्ता और डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम) के महानिदेशक एम. देवराज उपस्थित थे।

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