विजय कुमार निगम लखनऊ:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 का आयोजन किया जा रहा है। पिछले तीन संस्करणों की सफलता के बाद यह आयोजन अब उत्तर प्रदेश के उत्पादों, सेवाओं, तकनीक और नवाचारों को वैश्विक बाजार से जोड़ने वाला एक प्रमुख मंच बन चुका है। इसके माध्यम से प्रदेश के उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और निर्यात क्षेत्र को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
यूपीआईटीएस-2026 में 2400 से अधिक प्रदर्शकों के भाग लेने का अनुमान है, जबकि 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आने की संभावना है। इसके अलावा 1.50 लाख से अधिक घरेलू बी-टू-बी खरीदार और लगभग 4.50 लाख आम नागरिकों की उपस्थिति का अनुमान लगाया गया है। यह आयोजन प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के साथ-साथ निवेश और व्यापारिक साझेदारियों को भी नई ऊंचाई देगा।

ट्रेड शो के दौरान 4000 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिनका अनुमानित मूल्य ₹3200 करोड़ से अधिक हो सकता है। इसके अतिरिक्त ₹13,500 करोड़ से अधिक के संभावित व्यापारिक लीड और पूछताछ उत्पन्न होने का अनुमान है। इससे प्रदेश के एमएसएमई, ओडीओपी इकाइयों, निर्यातकों और उद्यमियों को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
करीब 1.10 लाख वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र में आयोजित होने वाला यह मेगा आयोजन योगी सरकार की औद्योगिक, निर्यात और निवेश प्रोत्साहन नीतियों का प्रदर्शन भी करेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह आयोजन प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।