
विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट वितरण में कांग्रेस महिला प्रत्याशियों को भी वरीयता देगी। इसके लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए दिए जाने वाले तीन-तीन प्रत्याशियों के पैनल में एक महिला का नाम भी शामिल करने को कहा गया है।
पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पिछले दिनों इस संदर्भ में महिला कांग्रेस नेताओं को संकेत भी दे दिए हैं। कांग्रेस, महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर भाजपा पर दबाव बनाने और महिलाओं में पैठ बनाकर एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश कर रही है।
इसी सिलसिले में पार्टी ने तीन दिन पहले विधानसभा चुनाव लड़ चुकी महिला नेताओं के साथ हुई बैठक में प्रदेश प्रभारी ने सभी पूर्व प्रत्याशियों को चुनावी तैयारियों में जुटने को कहा है। साथ ही पूर्व महिला प्रत्याशियों को महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा को घेरने का भी मंत्र दिया है।

पार्टी की नीतियों को महिला मतदाताओं तक पहुंचाने के निर्देश
साथ ही उन्हें यह निर्देश भी दिए हैं कि संभावित प्रत्याशी अभी से चुनावी तैयारी में जुट जाएं और पार्टी की नीतियों व विचारधारा को ज्यादा से ज्यादा महिला मतदाताओं तक पहुंचाएं।
इससे पहले प्रियंका गांधी ने भी प्रदेश प्रभारी रहते हुए वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत महिला प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन उनका प्रयोग सफल नहीं रहा था। पिछली बार की तरह ही इस बार भी समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन जारी रहने की उम्मीद है। गठबंधन के चलते कांग्रेस को पिछली बार से ज्यादा सीटें दिए जाने की संभावना नजर नहीं आ रही हैं।
हालांकि, कांग्रेस बराबरी की बात कर सपा पर दबाव बना रही है। इस बाबत प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का कहना है कि टिकट वितरण का फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। प्रदेश कांग्रेस की तरफ से हर सीट को लेकर प्रत्याशियों के पैनल बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। इस पैनल में कम से कम एक-एक महिला प्रत्याशियों का भी नाम शामिल किए जाएंगे।




