5 लाख का कर्ज और मेहनत का जज्बा: अमेठी में ‘परमजीत ऑटो गैरेज’ बना मिसाल, सीएम योगी की नीति से संवर रहा भविष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं और छोटे उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़कर ‘आत्मनिर्भर यूपी’ के संकल्प को लगातार मजबूती दे रही है। इस दिशा में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (सीएम-युवा) एक गेम-चेंजर योजना बनकर उभरी है। अमेठी जिले के जगापुर क्षेत्र की रहने वाली रूपाली देवी की सफलता की कहानी इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सही समय पर मिली सरकारी वित्तीय सहायता कैसे किसी साधारण परिवार की किस्मत बदल सकती है।

ग्राम पंचायत से मिली जानकारी और 5 लाख का मिला सहयोग

रूपाली देवी का छह सदस्यीय परिवार लंबे समय से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा रखता था, लेकिन पूंजी की कमी के कारण कारोबार का विस्तार रुका हुआ था। इसी बीच उन्हें ग्राम पंचायत के माध्यम से ‘सीएम-युवा’ योजना की जानकारी मिली। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद जनवरी 2026 में बैंक के जरिए उन्हें 5 लाख का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक मदद ने उनके सीमित संसाधनों वाले पारिवारिक व्यवसाय को एक नया जीवन और दिशा देने का काम किया।

‘परमजीत ऑटो पार्ट्स एवं गैरेज’ का हुआ कायाकल्प

ऋण की राशि मिलते ही परिवार ने व्यवस्थित ढंग से काम शुरू किया। आधुनिक उपकरण, मशीनें और ऑटो पार्ट्स खरीदकर ‘परमजीत ऑटो पार्ट्स एवं ऑटो गैरेज’ की नींव को मजबूत किया गया। वर्तमान में रूपाली देवी और उनके पति परमजीत मिलकर इसका सफल संचालन कर रहे हैं। यहां दोपहिया वाहनों की सर्विसिंग, मरम्मत और गुणवत्तापूर्ण ऑटो पार्ट्स की बिक्री की जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ा है।

हर महीने 2 लाख का टर्नओवर, कारोबार ने पकड़ी रफ्तार

वित्तीय सहायता मिलने के महज कुछ ही महीनों भीतर इस कारोबार ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। सीमित दायरे में सिमटा व्यवसाय अब बड़ा रूप ले चुका है और ग्राहकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में ‘परमजीत ऑटो पार्ट्स एवं ऑटो गैरेज’ का मासिक टर्नओवर लगभग 2 लाख तक पहुंच गया है। इससे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि उनका सामाजिक मान-सम्मान और आत्मविश्वास भी काफी बढ़ा है।

सीएम योगी के ‘जॉब क्रिएटर’ विजन को मिल रही मजबूती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश के युवाओं को सिर्फ नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला (जॉब क्रिएटर) बनाया जाए। बिना गारंटी लोन, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करने वाली ‘सीएम-युवा’ योजना इसी सोच को धरातल पर उतार रही है। रूपाली देवी का परिवार इस बात की मिसाल है कि सही नीतियां और युवाओं का संकल्प मिलकर उत्तर प्रदेश में स्वरोजगार का एक नया युग रच रहे हैं।

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