गोरखपुर: काली पट्टी बांधकर JEE और NEET की परीक्षा को स्थगित करने के लिये सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन


गोरखपुर। रामचन्द्र: गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता मनीष ओझा के नेतृत्व में दो दर्जन छात्रों ने JEE और NEET की परीक्षा को तत्काल स्थगित करने और गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले छात्रों के 6 (छ:) माह की फीस को माफ किए जाने हेतु काली पट्टी बांधकर हाथों में तख्ती लेकर विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पर धरना दिया जिसके बाद भारी मात्रा में पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंच गई और धरना दे रहे छात्रों को बलपूर्वक हटाने लगी लेकिन छात्र अडिग रहें और तब तक नहीं हटे जब तक उनका मांग पत्र विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पर सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा नहीं सौंपा गया।

छात्र नेता मनीष ओझा ने कहा कि JEE और NEET की परीक्षा में तेईस लाख (2300000) छात्र सम्मिलित होंगे जिससे कोरोना महामारी बढ़ सकती है इसलिए तत्काल परीक्षा स्थगित किया जाए, अन्यथा आज केवल सांकेतिक धरना है। ओझा ने कहा कि हम सभी तब तक धरने पर बैठे रहेंगे जब तक हमारे मांग पत्र को जिलाधिकारी महोदय द्वारा धरना स्थल पर आकर सौंपा नहीं जाता और पूर्ण भरोसा नहीं दिया जाता कि आप की मांग पर मैं गंभीरता से विचार करते हुए शासन से आग्रह करूंगा तब तक हम सभी ना हटेंगे और न ही डरेंगे।

प्रकर्ष पांडे ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से छात्र विरोधी नीति अपना रही है। इस विषम परिस्थिति में JEE और NEET की परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से गलत और छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेलने वाला साबित होगा। यदि हमारी 2 सूत्रीय मांग नहीं मानी गई तो हम सभी छात्र नेता मनीष ओझा के नेतृत्व में आमरण अनशन देने को बाध्य होंगे।

काली पट्टी बांधकर व धरना प्रदर्शन करने वालों में प्रकर्ष पांडे, नारायण दत्त पाठक, सौरभ प्रजापति, सुजल यादव, अंकित गौड़ शुभम गौड़, कुलदीप कुमार, रविकांत निषाद, आशीष अग्रहरी, मोहित मौर्य, गोलू चौरसिया, राम लखन यादव, रविकांत आदि लोग उपस्थित रहे।


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