विजय कुमार निगम लखनऊ:- मुख्यमंत्री योगी ने देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा तथा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले जनभागीदारी आधारित कार्यक्रमों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसेवा, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के हित और जनकल्याण से जुड़े प्रत्येक कार्यक्रम का क्रियान्वयन संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विश्व पर्यावरण दिवस से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक आयोजित होने वाले कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन न होकर जनभागीदारी और जनजागरण का व्यापक अभियान बनें। उन्होंने कहा कि 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत न्यूनतम 05 करोड़ पौधों का रोपण किया जाए। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के सम्मान और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक बने। उन्होंने निर्देश दिए कि पौधों की पर्याप्त उपलब्धता, जियो टैगिंग तथा उनके संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जाए तथा इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 05 से 21 जून तक की अवधि विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रभारी मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में समाज के प्रबुद्ध वर्ग, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अभियंताओं, उद्योगपतियों, अधिवक्ताओं, युवा उद्यमियों तथा स्टार्टअप इनोवेटरों के साथ संवाद स्थापित किया जाए। विगत वर्षों में देश और प्रदेश में हुए सकारात्मक परिवर्तनों, सुशासन, आधारभूत संरचना, निवेश, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों पर चर्चा की जाए तथा समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों और अपेक्षाओं को भी गंभीरता से सुना जाए। उन्होंने कहा कि यह संवाद विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में जनसहभागिता को और मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अवधि में स्वच्छता को विशेष जनअभियान के रूप में संचालित किया जाए तथा अधिकारीगण स्वयं इसमें सहभागी बनकर समाज को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि 14 से 16 जून तक विकास खंड स्तर पर आयोजित होने वाले जनकल्याण शिविरों एवं स्वास्थ्य मेलों के माध्यम से पात्र लेकिन वंचित लाभार्थियों को सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाए। साथ ही प्रत्येक जनपद की विशिष्ट पहचान, उपलब्धियों और आधारभूत संरचना विकास को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के माध्यम से प्रबुद्ध नागरिकों और विषय विशेषज्ञों को जोड़ते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर सार्थक विमर्श किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपालों का आयोजन कर जनसमस्याओं के समाधान, योजनाओं की समीक्षा तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था की जाए। नामित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि प्रवास भी करें, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं और चुनौतियों को निकटता से समझकर त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।