21 दिनों तक अनशन करने वाली नेहा बोरा से मिले अखिलेश यादव, ट्वीट की 24 लाइन की कविता

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव छात्रों के नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर लगातार एक्टिव हैं। पिछले दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मंच पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की सेहत का मुद्दा उठाया था। अब उन्होंने सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान जंतर मंतर पर 21 दिनों तक भूख हड़ताल करने वाली नेहा बोरा से मुलाकात की। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सीनियर लोकसभा सांसद डिंपल यादव से मुलाकात की। छात्रों से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक लंबी कविता पोस्ट की। कविता के जरिए वे सरकार पर हमलावर रुख अपनाते दिखे।

मुखिया जी के दरवाजे की चर्चा

अखिलेश यादव ने कविता में मुखिया जी के दरवाजे की बात कही। मुखिया जी के जरिए वे देश के प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए दिखे। अखिलेश ने इससे पहले सदन और सड़क दोनों जगहों पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। वहीं, छात्रों के समूह से मुलाकात के बाद उनकी कविता की खूब चर्चा हो रही है।

अखिलेश यादव की कविता

जब सरकार न सुनेगी बच्चों की आवाज…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाजे पर जाना ही होगा!

जब बच्चों पे बेरहमी से होगा निर्मम वार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाजे पर जाना ही होगा!

जब सरेआम बच्चियों के फटेंगे लिबास…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाजे पर जाना ही होगा!

जब करोगे दुखी माँ-बाप पर भी प्रहार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाजे पर जाना ही होगा!

जब हर एक नौजवां होगा हताश-निराश…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाजे पर जाना ही होगा!

जब सत्ता का अहंकार होगा हद से पार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाजे पर जाना ही होगा!

जब सरकार बंद कर लेगी संसद के द्वार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाजे पर जाना ही होगा!

जब मौक़ा नहीं दोगे, न संसद में न बाहर…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाजे पर जाना ही होगा!

सरकार पर लगातार हमला

अखिलेश यादव ने संसद के भीतर और बाहर बुधवार को भी छात्र-युवाओं के मुद्दों को लेकर सरकार को जबर्दस्त तरीके से घेरा। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन अपने आप हो रहा है। छात्र खुद अपनी परेशानी लेकर देश के विभिन्न इलाकों से आ रहे हैं। पेपर लीक हो रहे हैं। देश से लेकर उत्तर प्रदेश तक पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में एक्शन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने संसद में चर्चा के लिए पहले मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।

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