
शिवा शर्मा हत्याकांड में हजरतगंज पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सोमवार को मुख्य आरोपित श्रद्धा समेत अन्य आरोपितों के घर दबिश दी गई। पुलिस ने श्रद्धा के सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
वहीं, आरोपितों को फरार होने में मदद करने वालों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि घटना के बाद मेडिकल कालेज से निकलकर आरोपितों ने आपस में संपर्क किया और नेपाल भागने की योजना बनाई हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस साक्ष्य जुटा रही है।
इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि गढ़ी कनौरा निवासी तारिक उर्फ दानिश और दुबग्गा निवासी आमिर के घर भी दबिश दी। दोनों के स्वजन से पूछताछ की गई और बैंक खातों से संबंधित जानकारी मांगी गई है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के बाद आरोपित कहां गए, किन लोगों के संपर्क में रहे और उन्हें छिपने में किसने मदद की। आमिर से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान शिवा शर्मा से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने का पुराना मामला भी सामने आया है। 12 अगस्त 2025 को विभूतिखंड थाने में शिवा की मां ने हिस्ट्रीशीटर ऋषभ राय और उसके आठ-दस अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप था कि 11 अगस्त की रात किसान बाजार स्थित अबोंगजा कैफे में ऋषभ अपने साथियों के साथ पहुंचा था। आरोपितों ने शिवा को कैबिन में बुलाकर गाली-गलौज की और दो दिन में एक लाख रुपये गुंडा टैक्स देने की मांग की। विरोध करने पर मारपीट की और पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस इस पुराने मामले के तथ्यों को भी जांच में शामिल कर रही है।




