
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव (US Midterm Elections) के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। इनमें पहले लाखों लोग चुनाव के दिन से पहले ही अपना वोट डाल चुके हैं। आज से पहले अर्ली वोटिंग के आंकडों से पता चलता है कि पिछले चुनावों की तुलना में इस बार कौन से लोग वोट डालने आए हैं। पहला मतदान अमेरिकी समयानुसार शाम 6 बजे समाप्त होगा।
डेमोक्रेट्स को हाउस में बहुमत पाने के लिए 3 सीटें और सीनेट में जीत के लिए 4 सीटें चाहिए। चुनाव के दिन वे जेनेरिक कांग्रेसनल बैलेट में 9 अंकों की बढ़त के साथ उतरे हैं। रिपब्लिकन पार्टी की रणनीति की परीक्षा होगी, क्योंकि वे उन राज्यों में अपनी सीनेच सीटें बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जो पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन का गढ़ माने जाते हैं।
50 राज्यों में लगभग 1,000 चुनाव पर्यवेक्षकों की तैनाती
न्याय विभाग के अनुसार, सभी 50 राज्यों में लगभग 1,000 चुनाव पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है। वहीं, चुनाव अधिकारियों के खिलाफ न्याय विभाग की सख्त कार्रवाई को रोकने वाला एक आपातकालीन आदेश, अपील अदालत द्वारा बहाल किए जाने के बाद भी लागू है।
मध्यावधि चुनाव ट्रंप के लिए अहम परीक्षा
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के लिए अहम परीक्षा साबित होंगे। इन चुनावों से तय होगा कि उनके कार्यकाल के आखिरी दो वर्षों में कांग्रेस के दोनों सदनों पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बना रहेगा या डेमोक्रेट अपनी पकड़ मजबूत करेंगे। महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत, आव्रजन और ईरान युद्ध को लेकर मतदाताओं की नाराजगी चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती है।
प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने पर डेमोक्रेट सरकार के विधायी एजेंडे को चुनौती देने और प्रशासन के कामकाज की जांच करने की बेहतर स्थिति में होंगे। वहीं, सीनेट का नियंत्रण नियुक्तियों और न्यायिक पदों पर फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इन चुनावों में भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों और मतदाताओं की भूमिका पर भी नजर रहेगी।
नतीजे न केवल ट्रंप की नीतियों के प्रति जनसमर्थन का संकेत देंगे, बल्कि 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले दोनों पार्टियों की रणनीति की दिशा भी तय कर सकते हैं। रायटर के अनुसार, चुनाव जीतने के लिए ट्रंप ने पानी की तरह पैसा बहाया है। उनके मागा इंक ने लगभग 28 करोड़ डॉलर और उनके समर्थक टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने 36.6 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं। वहीं, डेमोक्रेट पार्टी का चुनावी बजट मात्र 19 करोड़ डॉलर ही रहा।
वोटिंग के बीच ट्रंप ने अलास्का सीनेट चुनाव को लेकर फिर से ‘पूर्ण धोखाधड़ी’ का दावा दोहराया
ट्रंप ने अलास्का सीनेट चुनाव को लेकर फिर से ‘पूर्ण धोखाधड़ी’ का दावा दोहराया। फॉक्स न्यूज के फॉक्स एंड फ्रेंड्स के साथ एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने अलास्का सीनेट चुनाव को एक बार फिर धोखाधड़ी बताया।
उन्होंने पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार मैरी पेल्टोला के अभियान और डेमोक्रेटिक पार्टी ने मतपत्र पर एक स्पॉइलर उम्मीदवार को शामिल करने में मदद की थी।




