महोबा और बाँदा मे जलजीवन मिशन की बेपानी टंकी.. - Sahet Mahet

महोबा और बाँदा मे जलजीवन मिशन की बेपानी टंकी..


@आशीष सागर दीक्षित, बाँदा।

  • यूपी मे जल जीवन मिशन के तहत 40951 योजनाएं स्वीकृत हैं। कुल कार्य की लागत 1,52,521.82 करोड़ है। इसमें केंद्रांश 71714.68 व राज्यांश 71714.68 करोड़ रुपये है। लागत के सापेक्ष यूपी का सामुदायिक अंशदान 9092.42 करोड़ रुपये होता है। लक्ष्य पूरा होने तक यह और अधिक बढ़ने के आसार है। किंतु जनता को टोंटियां पानी नही दे पा रहीं है।
  • महोबा के पसवारा मे 128.58 करोड़ की टँकी पानी नही दे रही है।

बाँदा/महोबा। उत्तरप्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड जैसे जलसंकट वाले इलाक़े मे जलजीवन मिशन के तहत हर घर नल जल योजना संचालित की है। पूरी सरकारी मिशनरी को इस योजना को धरातल पर लागू कराने के लिए जोरशोर से प्रशासन लगाया गया। वहीं माननीयों ने अपने विधानसभा क्षेत्रों और चुनावी जनसभा मे जनता को टोंटी से पानी पिलाने का दावा किया ।

लेकिन ग्राउंड पर बुंदेलखंड के महोबा और बाँदा मे यह योजना पूरी तरह असफल है। हजारों करोड़ की जलजीवन मिशन योजना से ग्रामपंचायत और गांवो की सड़कें  उखाड़ डाली गई। वहां पाइपलाइन डाली गई और टोंटी भी लगी लेकिन जनता को पीने का पानी बाँदा व महोबा मे नही मिला है। उदाहरण के लिए महोबा के जल जीवन मिशन की सच्चाई ग्राम पसवारा थाना कबरई महोबा मे देखने को मिलती है। यहां 128.58 करोड़ रुपया से बनी पानी की टंकी मे जल नही है। महोबा के सुशील निगम की मानें तो आज तक आधे से ज्यादा नलों से एक बूंद पानी नहीं आया है।

उनके साथ रामकरण श्रीवास, मनोज , लखन विश्वकर्मा, मुल्लू श्रीवास, दीनदयाल सेन, मगन सेन, कल्लू सेन के घर सूखे नल पड़े हैं। वहीं बाँदा के ग्राम अछरौड मे बनी पानी की टँकी भ्रष्टाचार की बदबूदार कार्यशैली से तरबतर है। आज तक इस मामले पर कार्यदाई संस्था के विरुद्ध कार्यवाही नही की गई।

वहीं बाँदा पैलानी क्षेत्र के ग्राम सांडी मे यही सूरतेहाल है कि टोंटियों से जनता को पानी नही मिलता है। ज़िले की नगरपालिका वार्ड 16 के शहर के झील का पुरवा की एक बस्ती बेपानी है। यह लोग डीएम जे रीभा को करीब 2 बार ज्ञापन दे चुकें है। वहीं दूसरी तरफ शहर मे इसी झील के पुरवा मे मुख्य पाइपलाइन से नम्बर दो की लाइन व कनेक्शन बेधड़क जुड़े रहते हैं। इलाके का अभियंता और ठेकेदार मिलकर कमीशन खाते है। बावजूद इसके उत्तरप्रदेश सरकार के आला मंत्री और दिल्ली के केंद्रीय मंत्रियों की बड़बोली जलजीवन मिशन की मार्केटिंग करते नही थकती है। जैसे बुंदेलखंड मे हर घर टोंटियों से पानी गंगा बहती है।


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