
अलीगढ़। ई-पंजीकरण एवं ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। तहसील कोल के वकीलों ने सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। तहसील परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट ओम प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रमोद कुमार को एक ज्ञापन सौंपा गया।

इसमें महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश द्वारा 4 जून 2026 को जारी पत्र संख्या 2523 के तहत लागू ई-पंजीकरण एवं ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेने की मांग की गई है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों अधिवक्ता, कातिब, स्टाम्प वेंडर और टाइपिस्टों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ जिले की सभी तहसील बार एसोसिएशन और कातिब संघ भी इस आंदोलन के समर्थन में न्यायिक एवं निबंधन कार्यों से विरत हैं। धरनास्थल पर वक्ताओं ने सरकार के आदेश को काला कानून करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया और शासन की उदासीनता जारी रही, तो वकील समुदाय अन्य प्रभावित वर्गों को साथ लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन को और अधिक उग्र करेगा। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से ई-पंजीकरण एवं ई-रजिस्ट्री संबंधी आदेश तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। आंदोलनरत अधिवक्ताओं में सरकार के प्रति गहरा रोष देखा जा रहा है।




