बलिया गोलीकाण्ड: पुलिस के हाथ में आया आरोपी हो गया फरार, सरकार से मिला भरोसा आरोपियो के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

लखनऊ। विषवेश तिवारी: कल सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान के आवंटन को लेकर विवाद में पुलिस के सामने ही एक व्यक्ति का गोली चलाने का मामला तूल पकड़ता नज़र आ रहा है। यूपी के बलिया गोलीकांड का आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में कार्यकर्ता था। खुद बैरिया से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने इस बात का दावा भी किया है। सिंह की माने तो धीरेंद्र सिंह पार्टी का कार्यकर्ता था। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीँ इस फायरिंग और मारपीट में धीरेंद्र सिंह की बहन, पिता और परिवार के कई सदस्यों को भी चोट आई है।

इस मामले में एक दर्जन पुलिस टीम बनाकर नामजद 8 आरोपियों के 24 ठिकानों पर छापेमारी की गई। छापेमारी अभी भी जारी है। मगर अभी तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। घटना के वक्त जितने भी पुलिसकर्मी मौजूद थे उन सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही सरकार की ओर से आरोपियो के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का भी भरोसा दिया जा रहा है।

वहीँ इस मामले पर विपक्षी पार्टियों ने भी अपनी रोटी सेंकना शुरू कर दिया है। सपा प्रवक्ता पूजा बुंदेलखंडी ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर बोला है की उत्तरप्रदेश में भाजपा के नेताओं की गुंडागर्दी साफ़ दिख रही है। बलिया में एसडीओ और सीओ के सामने दिनदहाड़े भाजपा नेता धीरेन्द्र सिंह ने जयप्रकाश पाल को गोली मार कर हत्या कर दी। गोली चलते ही भगदड़ मच गयी और इलाका ख़ौफ़ज़दा। “नो मोर बीजेपी”

क्या है पूरा मामला:

आपको बता दें की कल दोपहर बाद बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर की जा रही कार्यवाही में दो पक्षों में भिड़ंत हो गई, जिसमें गांव के ही दबंग धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू ने अपने साथियों के साथ मिलकर दूसरे पक्ष पर हमला बोल दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग की इस वारदात में मौके पर मौजूद जयप्रकाश पाल को गोली लगी। इलाज के लिए अस्पताल ले जाते वक्त जयप्रकाश पाल की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

दुर्जनपुर गांव में हुए गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्लू का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में उसे चार-चार पुलिस कर्मी पकड़े हुए हैं। हालांकि, बाद में वह पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया। आरोपी के घर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधायक सुरेंद्र सिंह की तस्वीर लगी हुई है। जब पुलिस के सामने ही आरोपी आरोप करके फरार हो जा रहा है और पुलिस हाथ पर हाथ रखे देखती है तो ऐसे में सवाल यह उठता है की ऐसे स्थिति में यूपी अपराध मुक्त कैसे होगा।

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