
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर फिर आरोप लगाए हैं। सपा प्रमुख ने मंगलवार को एक्स पर ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ की क्रोनोलॉजी नहीं; भाजपाई ‘क्रिमिनोलाजी’ का कुचक्र समझिए: शीर्षक से एक विस्तृत पोस्ट में 22 बिंदुओं पर आरोप लगाए। वहीं सपा प्रमुख ने सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील भी की है।
चढ़ावा चाेरी संबंधी पोस्ट में सपा प्रमुख ने लिखा, पूरी दुनिया के आस्थावानों से बड़ा-बड़ा चंदा-दान उगाहो। नकली रसीद छपवाकर-कटवाकर घपला करो। न्यास के नाम पर, अपने लोगों को सेट करके ‘भ्रष्टाचार का व्यास’ बढ़ाओ। फिर ‘धर्म-धन’ में सेंधमारी करो। सीसीटीवी व अन्य सबूत गायब कर दो। राज खुल जाए तो ‘दो नंबर के काम के लिए नंबर दो को आगे करके’ फुर्र हो जाओ।

मामला रफा-दफा करने के लिए झूठे आरोप लगाने की कही बात
मामला रफा-दफा करने के लिए झूठे आरोपों से ध्यान भटकाओ, और फिर मौका पाते ही ‘धर्म, संस्कृति, देश, व्यक्ति और भावनाओं को ठगने के कुचक्र’ को बार-बार दोहराने की शताब्दी मनाओ! उन्हानें आगे लिखा,‘अब सच्चे देश प्रेमी भाजपा और उसके संगी-साथियों की इस क्रिमिनोलाजी को देश के हर गांव, गली, मुहल्लों, नगर के चौक-चौराहों पर पढ़कर सुनाएंगे, भाजपाई गिरोह का भंडाफोड़ करेंगे और उनका सामाजिक-राजनीतिक बहिष्कार भी।
वहीं एक बयान में सपा प्रमुख ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक से अपील करते हुए कहा कि वे अपना अनशन तोड़ दें। उन्होंने कहा कि जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए आमरण अनशन कर रहे हैं, वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है।
भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जाने जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो खुदगर्ज लोग हैं।




