
लोकसभा के मानसून सत्र में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद किए जाने का मुद्दा उठाए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि सरकार स्कूल बंद नहीं कर रही है, बल्कि कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों का निकटवर्ती विद्यालयों में विलय किया जाएगा। जिन विद्यालयों में कक्षाएं संचालित नहीं होंगी, वहां पहली बार प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्री-प्राइमरी शिक्षा की व्यवस्था पहली बार शुरू की जा रही है।
इससे छोटे बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा और खाली पड़े विद्यालयों का भी बेहतर उपयोग हो सकेगा। संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने नकल रोकने संबंधी अध्यादेश को समाप्त कर दिया था, जबकि वर्तमान सरकार ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में विभिन्न भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अनियमितताओं का भी उल्लेख किया।
कहा कि प्रदेश में शिक्षा पर खर्च लगातार बढ़ाया गया है। पूर्ववर्ती सरकार के समय शिक्षा का बजट करीब 28 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1.13 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। सरकारी विद्यालयों में छात्र नामांकन 1.34 करोड़ से बढ़कर 1.90 करोड़ तक पहुंच गया है।
वहीं ड्राप आउट दर 19 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत रह गई है। यह भी कहा कि आपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है। 19 मानकों पर विद्यालयों की स्थिति 36 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
साथ ही पाठ्यक्रम में भी आवश्यक बदलाव कर उसे अधिक गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी बनाया गया है। मंगलवार को लोकसभा में सपा प्रमुख ने दावा किया था कि उत्तर प्रदेश में देश में सबसे अधिक सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद हुए हैं और 26,386 प्राथमिक विद्यालय प्रभावित हुए हैं।
इसी मुद्दे पर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि विद्यालयों को बंद नहीं किया जा रहा, बल्कि संसाधनों के बेहतर उपयोग और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उनका पुनर्गठन किया जा रहा है।




