
निक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तेजी से विकसित किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों, विकास प्राधिकरणों और संबंधित एजेंसियों को अपने नियंत्रण वाली जमीन चिन्हित कर उसका पूरा विवरण जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को इसे लेकर बैठक हुई।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है। सभी विभाग आपसी समन्वय से आधुनिक सार्वजनिक ईवी चार्जिंग ढांचे का तेजी से विकास करें, जिससे लोगों को आसानी से चार्जिंग सुविधा मिल सके।

सर्वे कर चार्जिंग स्टेशन के लिए जगह चिह्नित करने के आदेश
निर्देश दिए कि विभाग अपने कार्यालय परिसरों, उपलब्ध भूमि और अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों का सर्वे कर चार्जिंग स्टेशन के लिए जगह चिन्हित करें। यह जानकारी निर्धारित प्रारूप में यूपी रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को भेजी जाए। इसके तहत विभागीय कार्यालय, नगर निकायों के पार्किंग स्थल, औद्योगिक क्षेत्र, लाजिस्टिक पार्क, विकास प्राधिकरणों की जमीन, राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के किनारे उपलब्ध उपयुक्त स्थलों को भी शामिल किया जाएगा।
उन्होंने योजना के प्रभावी संचालन के लिए राज्य और जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि शहरी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन के लिए लगभग 400 से 600 वर्ग फुट और राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे कारिडोर पर करीब 3,000 वर्ग फुट भूमि उपयुक्त रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ेगा, प्रदूषण कम होगा और स्वच्छ व हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।




