दिल्ली-NCR की ‘हवा’ को लेकर CM योगी ने लखनऊ में की बैठक, इलेक्ट्रिक बसों और पुराने वाहनों पर बड़ा फैसला

दिल्ली-एनसीआर की हवा को साफ करने के लिए प्रदेश सरकार ने धूल, वाहनों और औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण पर एक साथ कार्रवाई की तैयारी की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में एनसीआर से जुड़े नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर समेत आठ जिलों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपायों और विस्तृत कार्ययोजना की समीक्षा हुई।

सड़कों की मशीनों से सफाई, सड़क मरम्मत, पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि वाहन प्रदूषण के मुद्दे पर पुराने वाहनों, नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति, इलेक्ट्रिक बसों, प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और किराये पर वाहन उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के वाहनों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को और कम करने के उपायों पर भी विचार किया गया।

लागू होगी नई प्रणाली

औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि करीब 80 प्रतिशत उद्योगों में आनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली और वायु प्रदूषण नियंत्रक उपकरण लगाए जा चुके हैं। शेष उद्योगों में भी इन्हें लागू कराने की कार्रवाई चल रही है।

इससे औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों की लगातार निगरानी की जा सकेगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सड़कों पर जमा धूल हटाने के साथ सड़क मरम्मत और धूल के अन्य स्रोतों को नियंत्रित करने पर विशेष जोर दिया गया। निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण के उपाय भी किए जाएंगे। ठोस कचरा प्रबंधन नियम तथा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियम प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी चर्चा हुई।

इसके लिए विभिन्न विभागों और संबंधित पक्षों के साथ परामर्श कार्यक्रम चलाने पर सहमति बनी है।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ का पहला स्थान आने पर प्रशंसा की। केंद्रीय मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लक्ष्य से अधिक पौधारोपण के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी।

बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा, प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना व परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह आदि उपस्थित थे।

राजस्थान और पंजाब के साथ भी होगी बैठक

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई है।

राजस्थान और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक कर वायु प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा। पराली प्रबंधन को लेकर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर भी समन्वय किया जा रहा है।

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