
उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्बाध बिजली आपूर्ति और एक्सप्रेस-वे व हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से राज्य की औद्योगिक तस्वीर तेजी से बदली है। उद्योगों के अनुकूल नीतियों और प्रशासनिक सहयोग के चलते निवेशकों का राज्य की अर्थव्यवस्था में भरोसा अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है। लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित दो दिवसीय ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ में प्रदेशभर से जुटे उद्योगपतियों ने उत्तर प्रदेश के बदले कारोबारी माहौल की खुलकर सराहना की और अपने अनुभव साझा किए।
कानून-व्यवस्था और सिंगल विंडो अप्रूवल: रामपुर स्थित ‘जीएसएल स्पिनर्स’ के के.के. जैन ने कहा कि कानून-व्यवस्था किसी भी निवेशक के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है और सीएम योगी के नेतृत्व में इसमें अभूतपूर्व सुधार हुआ है। करीब ₹250 करोड़ का निवेश कर चुके इस समूह ने 700 लोगों को रोजगार दिया है। उन्होंने बेहतर सड़क परिवहन, निर्बाध बिजली और सिंगल विंडो पोर्टल से त्वरित अप्रूवल को उद्योगों के लिए गेम-चेंजर बताया।

नीतिगत सब्सिडी और आर्थिक प्रोत्साहन: टांडा की ‘पार्थ थ्रेड प्राइवेट लिमिटेड’ के अम्बिका प्रसाद पांडे ने सरकार की टेक्सटाइल नीति को निवेशकों के लिए सबसे मजबूत आधार बताया। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी को 35% तक कैपिटल सब्सिडी और 60% तक ब्याज सब्सिडी का सीधा लाभ मिला है। करीब ₹150 करोड़ का निवेश कर चुके इस संस्थान ने हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार से जोड़ा है और सरकारी प्रशिक्षण योजनाओं से कुशल कारीगर भी मिल रहे हैं।
औद्योगिक विस्तार और एक्सपोर्ट सपोर्ट: गाजियाबाद की ‘एफको एक्सपोर्ट्स’ की आरुषि सिंघल ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है। टीयूएफ (TUF) योजना के तहत 25% तक सरकारी सहायता और एक्सपोर्ट लाइसेंस सब्सिडी से उद्योगों के विस्तार को भारी प्रोत्साहन मिल रहा है। उनकी इकाई में वर्तमान में 800 लोग कार्यरत हैं और जल्द ही रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
प्रशासनिक सुगमता और सुरक्षित माहौल: बरेली के ‘राम कुमार एग्रो’ के राहुल अग्रवाल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी अब खुद आगे बढ़कर उद्योगपतियों को योजनाओं की जानकारी और मार्गदर्शन दे रहे हैं। 500 लोगों को रोजगार दे रही उनकी फैक्ट्री के अनुभव के आधार पर उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में कारोबारी पूरी तरह निडर होकर निवेश कर रहे हैं।
योगी सरकार की औद्योगिक नीतियां केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उद्योगों के सतत विस्तार, बड़े पैमाने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और राज्य की अर्थव्यवस्था को $1 ट्रिलियन का लक्ष्य हासिल कराने में अहम भूमिका निभा रही हैं।




