
चित्रकूट में राम वन गमन मार्ग एनएच-731ए में दरारें पड़ने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) द्वारा एक माह के लिए अस्थाई निलंबन की कार्रवाई किए जाने के बाद दिल्ली की ठेकेदार संस्था एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। वहीं, लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज के अधीक्षण अभियंता ओंकार भारतीय अधीनस्थों के साथ चल रहे मरम्मत कार्य पर नजर बनाए हुए हैं।

कई लोगों पर गिरी थी निलंबन की गाज
अयोध्या से चित्रकूट को जोड़ने वाले राम वन गमन मार्ग के पैकेज-दो में दरारें और अन्य तकनीकी खामियां पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई करने के साथ ही मरम्मत का काम जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने ठेकेदार फर्म के साथ ही स्वतंत्र अभियंता एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट को एक महीने के लिए अस्थाई रूप से निलंबित किया।
इस प्रकरण में पर्यवेक्षणीय उत्तरदायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं किए जाने पर शासन ने पीडब्ल्यूडी (एनएच) प्रयागराज के अधिशासी अभियंता को निलंबित करने के साथ ही अधीक्षण अभियंता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश जारी किया।
इस मार्ग के पैकेज-दो में स्थित फ्लाईओवर के एप्रोच और गैप में गड़बड़ी, लगभग 1.5 किलोमीटर तक सड़क के किनारे की पटरी में दरारें और लगभग 500 मीटर लंबाई में हाईवे के किनारे किए गए सुरक्षात्मक कार्य क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि निरीक्षण टीम ने की है।
पीडब्ल्यूडी (एनएच) प्रयागराज के अधीक्षण अभियंता ओंकार भारतीय के अनुसार ठेकेदार द्वारा मौके पर मरम्मत का कार्य आरंभ कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इस पैकेज के रखरखाव का कार्य ठेकेदार को अगले 15 वर्षों तक करना है।




