
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपी महेश ने कई अहम जानकारियां दी हैं। महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता (हरिराम और उर्मिला) की ओर से इस पूरी इमारत के रखरखाव का काम संभालता था। अगस्त 2025 में इस इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ नामक पीजी संचालकों को लीज पर दिया गया था।
दिल्ली की एक अदालत ने सत्य निकेतन पीजी इमारत हादसे के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, मामले की आगे की जांच के लिए तीसरे आरोपी बेटे महेश को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

ठेकेदार कासगंज से गिरफ्तार
इस मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस ने फरार चल रहे लेबर कॉन्ट्रैक्टर (ठेकेदार) सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ लिया है। विस्तृत पूछताछ के लिए उसे लाया जा रहा है।
पुलिस पूछताछ में महेश ने किए अहम खुलासे
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपी महेश ने कई अहम जानकारियां दी हैं। महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता (हरिराम और उर्मिला) की ओर से इस पूरी इमारत के रखरखाव का काम संभालता था। अगस्त 2025 में इस इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ नामक पीजी संचालकों को लीज पर दिया गया था।

बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा था काम
महेश ने खुलासा किया कि बारिश के मौसम में पिछले 8-10 दिनों से बेसमेंट में कचरा और पानी जमा हो रहा था, जिसके चलते वहां मरम्मत का काम चल रहा था। इसके साथ ही, व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए ग्राउंड फ्लोर का भी विस्तार किया जा रहा था।




