
राज्य में चार हजार करोड रुपये से अधिक के निवेश का रास्ता साफ हो गया है। औद्योगिक निवेश को लेकर सोमवार को आठ बड़ी परियोजनाओं के लिए लेटर आफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी करने की मंजूरी मिल गई।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत हुई उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति(एचएलइसी) की बैठक में 4,104.82 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन इंसेंटिव मैनेजमेंट सिस्टम (ओआईएमएस) पोर्टल के माध्यम से मूल्यांकन समिति की संस्तुति पहले ही प्राप्त हो चुकी थी।
स्वीकृत परियोजनाओं में मेगा और सुपर मेगा श्रेणी की इकाइयां शामिल हैं। इनके जरिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विनिर्माण, सीमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, वायर एवं इलेक्ट्रिकल उत्पाद, डेयरी और सौर ऊर्जा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
एपीएल अपोलो ट्यूब्स लिमिटेड की गोरखपुर में 320 करोड़ रुपये की इकाई, टेरेस्ट्रियल फूड प्रोसेसर्स प्राइवेट लिमिटेड की अमरोहा में 277.30 करोड़ रुपये की परियोजना और अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की ललितपुर में 738 करोड़ रुपये की परियोजना इसमें शामिल है।

इसके अलावा शुक्र फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड गौतमबुद्धनगर में 587.50 करोड़, गुडलक इंडिया लिमिटेड बुलंदशहर में 268.67 करोड़, जीके वाइंडिंग्स वायर्स लिमिटेड हाथरस में 381.14 करोड़, बनासकांठा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स लिमिटेड बागपत में 539.83 करोड़ और एल्पेक्स सोलर लिमिटेड मथुरा में 992.38 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
इन परियोजनाओं के धरातल पर आने से प्रदेश में औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। सरकार का जोर निवेश परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन और पात्र इकाइयों को नीति के अनुरूप प्रोत्साहन उपलब्ध कराने पर है।
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार व अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।




