इस्तीफे के बाद कैसे मिल रहा चंपतराय के रेफरेंस से VIP PASS?

 उत्तर प्रदेश की रामनगरई अयोध्या से एक बड़ी खबर सामने आई है. जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की पास आईडी सस्पेंड किए जाने को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. इस बीच यह दावा भी किया जा रहा है कि पूर्व महासचिव चंपत राय के रेफरेंस से अब भी राम मंदिर दर्शन के लिए पास जारी किए जा रहे हैं.

सूत्रों के अनुसार शनिवार को भी बड़ी संख्या में विशिष्ट और सामान्य दर्शन श्रेणी के पास जारी किए गए. दावा किया जा रहा है कि इनमें से कई पास पूर्व महासचिव चंपत राय के रेफरेंस से बनाए गए हैं. हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है.कैसे मिल रहे चंपतराय के नाम से VIP पास?
इसके बावजूद आज भी पूर्व महासचिव चंपत राय के आईडी रेफरेंस से पास जारी होने के दावों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि आईडी वास्तव में सस्पेंड है, तो पास किस प्रक्रिया के तहत जारी किए जा रहे हैं. इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं. वहीं यदि यह दावा तथ्यात्मक नहीं है. तो ट्रस्ट को इस पर खुलकर आना चाहिए

कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी कर चुके आईडी सस्पेंड
गौरतलब है कि इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की पास जारी करने संबंधी आईडी निष्क्रिय कर दी गई हैं. उनके अनुसार इन तीनों के माध्यम से अब किसी भी श्रद्धालु के लिए दर्शन पास जारी नहीं किए जा सकेंगे.

कैसे मिल रहे चंपतराय के नाम से VIP पास?
इसके बावजूद आज भी पूर्व महासचिव चंपत राय के आईडी रेफरेंस से पास जारी होने के दावों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि आईडी वास्तव में सस्पेंड है, तो पास किस प्रक्रिया के तहत जारी किए जा रहे हैं. इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं. वहीं यदि यह दावा तथ्यात्मक नहीं है. तो ट्रस्ट को इस पर खुलकर आना चाहिए

क्या है VIP Pass का सच?
फिलहाल इस पूरे मामले पर आधिकारिक रिकॉर्ड, ट्रस्ट के अधिकृत बयान या संबंधित अधिकारियों की पुष्टि सामने नहीं आई है. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि पास वास्तव में पूर्व आईडी के माध्यम से जारी हुए हैं या किसी अन्य अधिकृत प्रक्रिया के तहत बनाए गए हैं.

राम मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में पास जारी करने की प्रक्रिया की पारदर्शिता और आधिकारिक जानकारी को लेकर भी लोगों की निगाहें ट्रस्ट के अगले बयान पर टिकी हुई हैं. मामले को लेकर चर्चाएं जारी हैं, लेकिन अंतिम स्थिति ट्रस्ट की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button